समाचार चक्र संवाददाता
पाकुड़-पाकुड़ पुलिस अपराध नियंत्रण के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व का भी निर्वहन भी बखूबी कर रही है।ताजा मामला,नगर थाना क्षेत्र के कलिकापुर में एक नाबालिग भटकी हुई बालिका को घर तक पहुँचाने तक है.ऐसे भी झारखंड पुलिस के आपने कई किस्से सुने होंगे लेकिन मानवता के गुण की छाप बहुत कम देखने को मिलती है. लोगों के साथ सख़्ती से पेश आने वाली पुलिस का मानवीय चेहरा सामने आया है.नगर थाना क्षेत्र के कलिकापुर शनि मंदिर के पास एक विक्षिप्त नाबालिग बालिका भटकते हुए सुनसान जगह पर मिली,जिसे स्थानीय लोगों ने नगर थाना प्रभारी प्रयाग राज को सूचित किया गया।नगर थाना गश्ती दल पहुंचकर उन्हें सुरक्षार्थ थाना लाया गया.पूछताछ के क्रम में उन्होंने अपना नाम प्रियंका कुमारी करीब 14 वर्ष, पिता-उचित तांती, किशनपुर,थाना- अमरपुर,जिला-बांका बतायी.जिन्हें महिला कांस्टेबल की निगरानी में रखा गया है।वहीं दूसरे दिन सीडब्लूसी में प्रस्तुत किया गया. असंतोषजनक जवाब प्राप्त होने पर नगर थाना, पाकुड़ ने अपना फ़र्ज़ निभाते हुए अपनी जिम्मेदारी की बागडोर संभाला.वहीं थाना प्रभारी ने सेवा के लिए एक महिला कांस्टेबल को तैनात किया गया।समय पर खाना के लिए मेस में कहा गया।दिए गए पता का अमरपुर के थानेदार से बातचीत कर पता खोजवाने का प्रयत्न किया गया।तीसरे दिन उनसे पूछा गया,तो प्रियंका ने बतायी कि मेरा घर किशनपुर गांव थाना- अकबरनगर,जिला भागलपुर है।अकबर नगर थाना के थानेदार से बातचीत कर उनका पता को ढूंढा गया।उनको नहलाकर नया कपड़ा पहनाया गया।उनके माता-पिता से वीडियो -कॉलिंग”से बात करवाया गया,जिसमें उनके माता-पिता बोले कि अपनी बेटी को हमलोग पहचान नहीं पाए साफ-सुथरा नया कपड़ा में देखकर।भारत देश पर हमें गर्व है,जो ऐसे सिपाही सुरक्षा के लिए तैनात हैं।वही एक अप्रैल को शाम में उनके पिता आये और वह रोकर बोलने लगी कि- हम यहीं रहेंगे दीदी के पास और वह घर जाने के लिए तैयार नहीं हो रही थी। फिर उन्हें काफी समझाया गया,तब अपने पापा के पास जाने के लिए तैयार हुईं। जाते समय सभी का पांव छुईं, जैसे अपने घर से अपनी बहन विदा हो रही हों.कुछ देर पहले वह अपने पिता के साथ घर पहुंची।उसके पिताजी कॉल किये और पाकुड़, नगर थाना पुलिस को धन्यवाद किये।