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Maqsood Alam
(News Head)

पाकुड़ में बेहद गहरी हैं सट्टेबाजी की जड़ें, सट्टेबाजों को सफेदपोश देते हैं संरक्षण

समाचार चक्र संवाददाता

पाकुड़। जिले में सट्टेबाजी का कारोबार सिर्फ एकाध क्षेत्र में ही नहीं होता, बल्कि इसकी जड़ें शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्र में भी मजबूती से फैली हैं। हालांकि एकाध घटना को छोड़ दें तो पाकुड़ पुलिस को अबतक बड़ी सफलता नहीं मिल पाई है। इस कारोबार पर पुलिस पूरी तरह शिकंजा कसने में नाकाम है। इधर सटोरियों के नेटवर्क और सूचना तंत्र भी काफी मजबूत देखा जा रहा है। कोई बड़ी कार्रवाई हो उससे पहले ही सट्टेबाजों तक सूचना पहुंच जाती है। सट्टेबाजों की पहुंच भी बेजोड़ है। कई तो राजनीतिक सफेदपोश के छाव में भी सट्टा का काम कर लोगों की गाढ़ी कमाई लूट रहे है। शहर के हजारों लोग प्रतिदिन अपनी गाढ़ी कमाई का बड़ा हिस्सा सट्टेबाजी के इस खेल में गवां रहे हैं। हालांकि यह पूरा धंधा एक गिरोह के रूप में संचालित होता है। शहर में एक नहीं बल्कि हर क्षेत्र में इसके कई गिरोह है। नगर थाना क्षेत्र के सिंधीपाडा, हाटपाडा, हरिणडांगा बाजार, शहरकोल, तलवाडांगा, अन्नपूर्णा कॉलोनी आदि में चलता है। पाकुड़ शहर में चार बड़े धंधेबाज हैं, जिनमें से इन दिनों दो लोग जिले से बाहर रहकर और दो पाकुड़ शहर में रहकर इस धंधे पर कमांड किए है। इसी प्रकार मुफासिल थाना क्षेत्र के रहसपुर, नवादा, ईलामी, नारायणखोर, चांकी का शातिर सटोरिया के द्वारा मुफासिल थाना क्षेत्र में धमाल मचाए हुए है। जहां पुलिस की आंखों में धूल झोंककर लाखों रूपए आईपीएल मैच में सट्टा लगाया जा रहा है। एक एक मैच में पाकुड़ शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के सटोरिया द्वारा एक से पांच करोड़ तक का वसूली का खेल करते है।

सटोरियों के मोबाईल से खुल सकता है बड़ा राज….

सूत्रों की माने तो सटोरियों को पुलिस का कोई खौफ नहीं है। इसलिए तो बेखौफ होकर हर चाय और पान की दुकान में खुलेआम सट्टेबाजी का खेल चलते रहता है। कुछ सटोरिया तो आईपीएल मैच तक घर से बाहर निकलना भी बंद कर देते है। ताकि आम लोगों की नजरों से दूर रहे।अगर पुलिस वैसे सटोरियों को हिरासत में लेकर मोबाईल को खंगाले तो कई चौंकाने वाले मामले सामने आ सकते है।

बड़े सटोरिया जमीन दलाली और अन्य धंधों में इन्वेस्ट करते हैं रूपए

सूत्रों की मानें तो पाकुड़ के चर्चित सटोरियों के द्वारा रूपए खपाने के लिए जमीन में इन्वेस्ट किया जा रहा है। यहां तक कि दुसरों को भी सूद में रूपए इन्वेस्ट करते है। बहरहाल सटोरियों की पकड़ काफी मजबूत हो गई है। इसलिए कुछ शहर में रहकर तो कुछ बाहर रहकर धंधे को हेंडल कर रहे है।

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