फोटो-नदी में धंसा घर, सोर्स-समाचार चक्र
अबुल काशिम@समाचार चक्र
पाकुड़। सदर प्रखंड के कुसमानगर, तारानगर एवं ईलामी से होकर गुजरने वाली तोड़ाई नदी में कटाव से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है।पिछले करीब एक सप्ताह से मूसलाधार बारिश से नदियां उफान पर हैं। नदी किनारे बसे परिवारों में दहशत का माहौल है। ईलामी बागान टोला और कुसमानगर में सड़क धंसने के बाद लोग और भी डरे हुए हैं। लोगों की रात की नींदे उड़ गई है। अपने घरों के नदी में समा जाने का डर बना हुआ है। वहीं कुसमानगर गांव में नदी किनारे बसे लोगों में ज्यादा डर बना हुआ है। यहां तकरीबन 50 से 60 परिवार ऐसे हैं, जिनके घर नदी किनारे से बिल्कुल सटा हुआ हैं। तारानगर गांव में भी दर्जनों परिवार नदी किनारे घर बना कर रह रहे हैं। इलामी बगान टोला में ईदगाह के पास भी कई परिवार नदी कटाव को लेकर चिंतित हैं। उल्लेखनीय है कि चार दिन पहले ही इलामी बागान टोला में नदी किनारे से गुजरी पीसीसी सड़क नदी में कटाव से ढह गया था। उधर कुसमानगर में 3 जुलाई को लगभग 50 मीटर पीसीसी सड़क भी नदी में समा गया था। फिलहाल वहां बस का चचरी पुल बनाया गया है। जिससे लोगों का आना-जाना हो रहा है। हालांकि नदी के उफान पर होने से चचरी पुल के भी टूटने का खतरा बना हुआ है। वहीं नदी किनारे बसे दर्जन भर घरों पर खतरा मंडरा रहा है। यहां तकरीबन 50-60 परिवार घर बना कर रह रहे हैं। इनमें दर्जन भर घरों को ज्यादा खतरा है। यह भी बता दें कि 3 जुलाई को पीसीसी सड़क के धंसने के दौरान ही एक पक्का मकान भी धंसने लगा था, जो इस वक्त झुका हुआ है। घर का पीलर दिन-ब-दिन नीचे दब रहा है। इसके साथ ही घर भी धीरे-धीरे धंसता चला जा रहा है। अब्दुल अदूद, मैरुल शेख, कमरुल शेख, सनाउल्लाह शेख, हाजीकुल शेख आदि ने कहा कि नदी में कटाव से यहां के लोगों में डर बना हुआ है। नदी में घरों के समा जाने के डर से काफी चिंतित है। प्रशासन से मांग करते हैं कि समय रहते इस पर पहल किया जाए। ताकि यहां के लोगों का घर सुरक्षित रहे। लोगों का आशियाना सही सलामत रहे। इधर ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि बारिश से एकाध घर के टूटने और नदी किनारे बनी सड़कों के धंसने का मामला संज्ञान में आया है। उन्होंने कहा कि बारिश से जिनके घर टूटे हैं, उन्हें अभिलंब सरकारी आवास से लाभान्वित करने का निर्देश दिया गया है। जिन जगहों पर सड़क टूटी है, वहां अभी सड़के बनाना मुश्किल है। फिलहाल आवागमन बाधित नहीं हो, इसके लिए बांस-बल्ली से पुल निर्माण का निर्देश दिया गया है। बरसात के बाद कटाव को रोकने और सड़क बनाने का काम किया जाएगा।
