
महेशपूर–आरईओ विभाग अंतर्गत रतनपुर से नारायणगढ़ तक बने करीब 15 किलोमीटर सड़क इन दिनों अपने ही हाल पर सरकार की नीतियां दर्शाने को मजबूर है। सिर्फ मरम्मत के नाम पर विभागीय अधिकारियों और संवेदक की लूट खरोट की वजह से ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कें बदहाली बयां कर रही है।
बता दें कि 15 किलोमीटर के इस सड़क के जर्जर हो जाने से रद्दीपुर से दुमका तक जाने वाली यात्री बस भाया रतनपुर, मानिकपुर, खगड़ा, आभुवा, नरायणगढ़ सड़क से राहगीरों को डर लगी होती है कि कहीं कोई बड़ी घटना न घट जाए। यहां से गुजरने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। जगह जगह हुए गड्ढे व टूटे फूटे मार्ग ने सड़क से गुजरने वालों को जान जोखिम में डालकर सफर करने पर मजबूर कर दिया है।
क्या कहते ग्रामीण
ग्रामीण धनेश्वर टुडू, देविधन बास्की, आलमीन शेख, रेंटू शेख, रुबिलाल मरांडी, बबलू मुर्मू, मिलु कोड, रोबिउल शेख आदि ने बताया कि लोग अपनी जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं। विभागीय लापरवाही के कारण इस सड़क का उद्धार नहीं हो पाने से सड़क पर गुजरने वाले लोग खासे परेशान हैं। उक्त मार्ग से हजारों छोटे बड़े वाहनों का रोजाना आवागमन होते रहता है। किसानों के साथ स्थानीय लोगों को कृषि एवं व्यापार संबधित जैसे अन्य कामों के लिए आना जाना भी इसी मार्ग से होता है। इस मार्ग से ही जिला व ब्लॉक तक के अधिकारी आवागमन करते हैं। इस मार्ग से ही विधायक से लेकर सांसदों तक का भी आवागमन जारी रहता है। बावजूद सड़क की जर्जरता पर किसी का ध्यान नहीं जाना अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के अनदेखी भरे कार्यप्रणाली को भी दर्शाता है। इस मार्ग की स्थिति यह है कि यह पता लगाना मुश्किल है कि सड़कों पर गड्ढा है या गड्ढों पर सड़क है। न जाने कितनी घटना इस मार्ग के जर्जर हो जाने से आए दिन मार्ग में दुर्घटनाएं घट रही हैं। बावजूद सड़क पर बन चुके बड़े बड़े गड्ढे को भरने में शासन-प्रशासन व जनप्रतिनिधि मौन हैं।
ग्रामीणों ने कहा कि जब तक सड़क के जीर्णोद्धार का कार्य प्रारंभ नहीं हो जाता तब तक कम से कम गड्ढों में विभाग को गिट्टी या अन्य मलबा भरना चाहिए, ताकि दुर्घटना की स्थिति न बन सके। इसी सड़क को नए सिरे से चौड़ीकरण लेकर विभाग की उदासीनता के कारण किसी तरह का कोई चौड़ीकरण का कार्य की शुरुआत अब तक नहीं हुई है।

इधर सांसद प्रतिनिधि कुणाल अल्फ्रेड हेंब्रम ने कहा कि सड़क की स्थिति से सांसद व विधायक को अवगत कराउंगा। निर्माण की मांग करेंगे। ताकि लोगों को आवागमन में सहूलियत मिले।
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