ललन झा@समाचार चक्र
अमड़ापाड़ा। मइयां सम्मान योजना राज्य सरकार की एक अति महत्वाकांक्षी योजना है। यह महिलाओं के आर्थिक स्वाबलंबन और सशक्तिकरण की दिशा में सरकार का एक बेहद प्रशंसनीय और संवेदनशील कदम माना गया। इसके तहत योग्य महिलाओं को पहले 1 हजार रुपए प्रति माह दिए गए। फिर नई सरकार के गठन के बाद उपरोक्त राशि को बढ़ाकर 2500 रुपए कर दिया गया। घोषणा और वादा के अनुरूप मौजूदा सरकार ने माह दिसंबर में राज्य की लाखों महिलाओं को 2500 रुपए भुगतान किया। समाज की दबी-कुचली, उपेक्षित, गरीब और तंगेहाल महिलाओं की खुशी का ठिकाना न रहा। वो आश्वस्त हो गईं कि सरकार हमारे लिए गंभीर है और हमलोगों को अब प्रति माह 2500 रुपए मिलेंगे।पुनः होली के दौरान जनवरी, फरवरी और मार्च महीने का एकमुश्त बकाया भुगतान 7500 रुपए भी महिलाओं को किया गया। किन्तु, इस भुगतान ने समाज की महिलाओं में एक बेचैनी और असंतोष को भी जन्म दिया। चूंकि , इस दफा यह राशि उन अधिकांश लाभुकों के खाते में नहीं आई जो पिछले तीन महीनों से इंतजार में थीं। अब उन वंचित अधिकांश लाभुकों या परिवारों को यह समझ में नहीं आ रहा है कि आखिरकार राशि हमलोगों के खाते में सरकार अथवा शासन ने क्यों नहीं भेजी। जिन्हें इन तीन महीनों की राशि मिली उनकी होली रंगीन रही और जो वंचित रह गईं उनकी होली फीकी पड़ गई। वैसी महिलाएं ब्लॉक का चक्कर काट कर थक गई हैं। परेशान हैं कि किस वजह से उनकी राशि सरकार ने रोक दी।उन्हें कहीं से न तो किसी वजह का पता चल पा रहा है और न ही कहीं से कोई संतोषजनक जवाब मिल पा रहा है। हालांकि उम्मीद यह जताई जा रही है कि सत्रांत यानि मार्च के अंत तक राशि शेष महिलाओं के खातों में भेजी भेजी जा सकती है।
अमड़ापाड़ा में मईयां सम्मान योजना से करीब 15 हजार महिलाएं जुड़ी हैं
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रखंड में लगभग 15 हजार महिलाएं इस योजना से जुड़ी हुई हैं। किंतु, एक अनुमान के मुताबिक उपरोक्त तादाद में करीब आधी महिलाओं को जनवरी, फरवरी और मार्च कुल तीन माह की राशि 7500 रुपए नहीं मिली है। महिलाएं परेशान हैं। बहरहाल, किनका नाम किस वजह से इस योजना की सूची से कटा है या किस प्रयोजन से राशि महिलाओं के खाते में नहीं आई है , इसकी कोई ठोस जानकारी प्रखंड कार्यालय को अबतक उपलब्ध नहीं है।
बीडीओ ने कहा
उपरोक्त आशय के संदर्भ में पूछे जाने पर बीडीओ प्रमोद कुमार गुप्ता ने बताया कि ऐसा ऊपर से ही हुआ है। मुझे इस संबंध में अबतक कोई आदेश- निर्देश या जानकारी अप्राप्त है।