समाचार चक्र संवाददाता
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पाकुड़। शहर के गांधी चौक के पास सड़क दुर्घटना में एक युवक की मौत के बाद बवाल मच गया। मृतक युवक की पहचान शहर के तलवाडांगा के मृदुल कुमार चंद्र के रूप में की गई। उस वक्त मृदुल स्कूटी से गुजर रहा था। इसी दौरान एक स्कूल बस ने उसे कुचल दिया। जिससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई। वहीं घटना के बाद चालक बस लेकर वहां से फरार हो गया। बाद में पता चला कि वह बस दिल्ली पब्लिक स्कूल की थी। इस घटना से लोग आक्रोशित हो उठे और घटना के विरोध में जमकर बवाल मचाया। शहर की दुकानों को बंद करा दिया। गांधी चौक से लेकर रेलवे फाटक, बस स्टैंड, भगत पाड़ा, हाटपाड़ा, बड़ी अलीगंज बस स्टेण्ड सहित पूरे शहर में घूम-घूम कर दुकानों को बंद कराने का प्रयास किया गया। इस दौरान पूरे सड़क पर जगह-जगह ईंट, पत्थर बरसाए गए और सड़क पर बांस-बल्ली, लोहे की पाइप रख कर जाम कर दिया गया। एंबुलेंस को छोड़कर तमाम तरह के वाहनों की आवाजाही रोक दी गई। जिससे आम लोगों को काफी ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ा। नगर थाना के सामने पहुंच कर सैंकड़ों की संख्या में लोगों ने प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। वहीं थाना के सामने सड़क पर आगजनी भी की गई। इसी दौरान जब लोगों को पता चला कि युवक की मौत दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) के बस से हुई है, तो सैंकड़ों की तादाद में लोग स्कूल के पास पहुंच गए। इसकी भनक लगते ही स्कूल प्रशासन की तरफ से दोनों गेट को बंद कर ताला जड़ दिया गया। ताकि स्कूल को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचे। इधर स्कूल पहुंचने के बाद गेट के सामने भीड़ ने जमकर बवाल मचाया। यहां भी सड़क पर आगजनी की गई।
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लोगों ने स्कूल में घुसने की कोशिश भी की और नुकसान पहुंचाने का भी प्रयास किया गया। हालांकि सूचना मिलते ही ऐन वक्त पर काफी तादाद में पुलिस बल पहुंच चुकी थी। पुलिस के जवानों ने गेट के सामने और आस-पास में खड़े होकर स्कूल की सुरक्षा में निगरानी में लग गए। इस दौरान पुलिस की ओर से आक्रोशित लोगों को शांत कराने की भरपूर कोशिश की गई। लेकिन पुलिस की हर कोशिश नाकाम होती चली गई। इस दौरान खास बात या रही कि स्कूल में पढ़ने आए सारे बच्चे अंदर ही फंसे रहे। जिससे अभिभावक भी परेशान दिखे। हालांकि बच्चे बिल्कुल में सुरक्षित थे। यहां बताना जरूरी होगा कि बच्चों को नुकसान पहुंचाने की मंशा बिल्कुल भी नजर नहीं आई। आक्रोशित लोग स्कूल प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। अंत में स्थिति को देखते हुए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। प्रदर्शन कर रहे लोगों पर लाठियां चलानी पड़ी। इसके बाद भीड़ तितर-बितर हो गई। वहीं घटना के दौरान हंगामे की खबर मिलते ही एसडीओ साइमन मरांडी,एसडीपीओ डीएन आजाद, सीओ अरविंद कुमार बेदिया एवं अन्य अधिकारी पहुंचे हुए थे। परिजनों की ओर से लोग मुआवजे के तौर पर 50 लाख रुपए की मांग पर अड़े हुए थे। प्रशासन मामले को शांत कराने में जुटी हुई थी।

क्या है मामला
शहर के गांधी चौक के पास मंगलवार की सुबह करीब 8:00 बजे के आस-पास एक स्कूल बस से कुचलकर युवक की मौत हो गई। युवक की पहचान शहर के ही तलवाडांगा के रहने वाले मृदुल कुमार चंद्र के रूप में की गई है। वह स्कूटी लेकर बस के पास से गुजर रहा था। तभी दर्दनाक हादसे का शिकार हो गया। इसके बाद लोगों को पता चला कि दिल्ली पब्लिक स्कूल डीपीएस के बस से घटना हुई है। इसके बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। लोग आक्रोशित होकर पूरे शहर में जाम लगा दिया। नगर थाना और दिल्ली पब्लिक स्कूल के सामने जमकर बवाल काटा। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची थी। पुलिस ने लोगों को शांत कराने की कोशिश की। लेकिन लोगों में आक्रोश और भी बढ़ता गया।
वार्ता के बाद हटा जाम
दिल्ली पब्लिक स्कूल में प्रदर्शन करने वालों पर बल प्रयोग के बाद प्रशासन, स्कूल प्रबंधन और परिजनों के साथ सफल वार्ता के बाद मामला शांत हुआ। पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपए का मुआवजा, मृतक युवक की बहन को दिल्ली पब्लिक स्कूल में नौकरी और पिता को पेंशन के आश्वासन पर सहमति बनी। इस मौके पर सिविल एसडीओ साइमन मरांडी, एसडीपीओ डीएन आजाद एवं सीओ अरविंद बेदिया मौजूद थे।



