सागर@समाचार चक्र
पाकुड़-बचपन में खेतों में काम करते वक्त अधिकारी बनने का सपना देखने वाले पाकुड़ जिले के सिमलोंग थाना प्रभारी टिंकू रजक ने किसी बेहतर संस्थान में कभी कोचिग करने का मौका नहीं मिल पाया। क्योंकि उनका ताल्लुक एक मध्यम वर्गीय परिवार से था। उन्होंने अपने कोचिंग के सपने को तो दम तोड़ते देखा पर आज वह अपने अंदर छुपी शिक्षण प्रतिभा से लिट्टीपाड़ा के दुर्गम पहाड़ियों के स्कूलों में घूम घूमकर बच्चों को मोटिवेट कर रहे हैं।शिक्षा के लिए प्रेरित कर रहे हैं।वे कहते हैं जीवन में सफलता के मार्ग पर हर व्यक्ति पहुंचना चाहता है और अपने लक्ष्य को हासिल करना चाहता है. लेकिन आचार्य चाणक्य की नीति कहती है कि,जीवन में वही लोग सफलता की कुंजी को प्राप्त कर पाते हैं जो असल में शिक्षा के महत्व को समझते हैं. शिक्षा सफलता की ऐसी कुंजी है, जिसका हमारे भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण योगदान होता है.
जो लोग उम्र के हर पड़ाव और हर परिस्थिति में शिक्षा ग्रहण करने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं,शिक्षा प्राप्त करने के लिए तत्पर रहते हैं और शिक्षा को लेकर उनके मन में आत्मविश्वास भरा होता है ऐसे लोगों को सफल होने से कोई नहीं रोक सकता है.टिंकू रजक सोमवार को प्रखंड के उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय सिमलोंग में विद्यालय के बच्चों के बीच पाठ्यसामग्री वितरण किया।इस दौरान उन्होंने स्कूली बच्चों को पुस्तक,कलम,कॉपी,चॉकलेट आदि देकर शिक्षा के प्रति जागरूक किया।उन्होंने बच्चों को शिक्षा के महत्व को बताते हुए किसी भी प्रकार की सहयोग की जरूरत पड़ने पर हमेशा साथ रहने की बात कही।उन्होंने बच्चों को बताया की पढ़ाई एक धन है जो आपसे कोई ना छीन सकता है और ना ही बांट सकता है।शिक्षा से ही गरीबी को मिटा सकते है।इसलिए बच्चों को मन लगाकर पढ़ने की बात कही।वहीं शिक्षकों को विद्यार्थियों के प्रति उनके दायित्वों को ईमानदारी पूर्वक निर्वहन करने की अपील की।थाना प्रभारी ने कहा पहाड़ी क्षेत्र के स्कूलों में नियमित विजिट किया जाएगा ताकि बच्चे खूब पढ़े और खूब बढ़े।
