समाचार चक्र संवाददाता
पाकुड़-पाकुड़ नगर क्षेत्र के मौजा पाकुड़,दाग संख्या-1345 स्थित तालाब किनारे बने व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर अब प्रशासनिक कार्रवाई की उलटी गिनती शुरू हो गई है। अंचल अधिकारी,पाकुड़ ने प्रभावित दुकानदारों को अंतिम नोटिस जारी करते हुए 27 जुलाई 2026 तक दुकानें एवं भवन खाली करने का निर्देश दिया है।नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि यदि निर्धारित समय तक परिसर खाली नहीं किया गया तो 28 जुलाई 2026 को दंडाधिकारी एवं पुलिस बल की उपस्थिति में अतिक्रमण हटाकर तालाब के रेस्टोरेशन की कार्रवाई की जाएगी।
इन प्रतिष्ठानों को मिला अंतिम नोटिस—
अंचल कार्यालय द्वारा जारी नोटिस के अनुसार मोंटीकारलो,बाबा लोकनाथ इंटरप्राइजेज, इलेक्ट्रॉनिक्स,लक्ष्मी फर्नीचर,नारायण,रॉयल ट्रेडर्स,आस्था,अजमेरा और अन्य प्रतिष्ठानों सहित कुल आठ व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को अंतिम चेतावनी दी गई है।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद तेज हुई कार्रवाई—
बताया जा रहा है कि तालाब के संरक्षण एवं पुनर्स्थापन को लेकर न्यायालय के निर्देशों के बाद जिला प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहा है।इससे पहले भी संबंधित दुकानदारों को नोटिस देकर परिसर खाली करने का निर्देश दिया गया था।अब अंतिम नोटिस जारी होने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई की तिथि भी तय कर दी है।
दुकानदारों के सामने रोजी-रोटी का संकट—
दूसरी ओर प्रभावित दुकानदारों का कहना है कि वे वर्षों से यहां व्यवसाय कर रहे हैं। कई लोगों का दावा है कि वे भवन मालिक नहीं, बल्कि किरायेदार हैं। उनका कहना है कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था के दुकान हटने से उनके सामने रोजगार और परिवार के पालन-पोषण का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।अब सबसे बड़े सवाल क्या 27 जुलाई तक सभी दुकानदार स्वयं दुकानें खाली कर देंगे?यदि दुकानदार नहीं हटे तो क्या 28 जुलाई को प्रशासन बुलडोजर कार्रवाई करेगा?प्रभावित व्यापारियों के पुनर्वास या वैकल्पिक व्यवस्था पर प्रशासन की क्या योजना है?तालाब का रेस्टोरेशन कब तक पूरा होगा और इसका स्वरूप क्या होगा?
नजर पूरे जिले की 28 जुलाई की प्रस्तावित कार्रवाई पर—
अब पूरे जिले की नजर टिकी है। एक ओर प्रशासन न्यायालय के निर्देशों का पालन करने की बात कह रहा है,वहीं दूसरी ओर व्यापारियों की आजीविका का सवाल भी खड़ा है।आने वाले कुछ दिन यह तय करेंगे कि तालाब संरक्षण और व्यापारियों की आजीविका के बीच संतुलन कैसे बनाया जाता है।
