समाचार चक्र संवाददाता
पाकुड़। जिले में पोल्ट्री चिकन (ब्रॉइलर मुर्गी) के परिवहन में भारी लापरवाही बरती जा रही है। छोटे पिकअप वाहनों और मैजिक गाड़ियों में क्षमता से अधिक क्रेट (पिंजरे) लादकर मुर्गियों को ठूंस-ठूंस कर एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा रहा है। इस अमानवीय परिवहन के कारण कई बार वाहन के भीतर ही मुर्गियों के दम तोड़ने की खबरें सामने आती हैं, जिससे स्थानीय लोगों में रोष व्याप्त है।
अमानवीय परिवहन और क्रूरता, क्षमता से अधिक लोडिंग
ग्रामीण क्षेत्र और शहर के मुख्य मार्ग से भी छोटे वाहनों में तय सीमा से दोगुने से अधिक मुर्गियों के क्रेट लादे जा रहे हैं। जिस पर नकेल कसने की जरूरत है। ग्रामीण इलाका हो चाहे शहरी क्षेत्र, मुर्गियों को खुले वाहनों में नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए ले जाते देखा जा सकता है।
घुटन भरा माहौल
पिंजरों में पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण मुर्गियां एक-दूसरे के ऊपर दबी रहती हैं। जिससे कई मुर्गियां रास्ते में ही बेदम हो जाते हैं।
वेंटिलेशन की कमी
हवा के आने-जाने का उचित रास्ता नहीं होने के कारण तापमान बढ़ने पर मुर्गियों की स्थिति और दयनीय हो जाती है। इससे मुर्गियों के स्वास्थ्य पर असर से इनकार नहीं किया जा सकता है। जबकि संक्रमण का अंदेशा भी रहता है। मृत और अस्वस्थ मुर्गियों के खुले में इस तरह परिवहन से बाजारों और आसपास के इलाकों में बदबू व बीमारी फैलने का अंदेशा रहता है।
सड़क सुरक्षा के लिए खतरा
अत्यधिक वजन और असंतुलित तरीके से लदे ये वाहन पाकुड़ के मुख्य मार्गों पर दुर्घटनाओं को भी खुला आमंत्रण दे रहे हैं। इस मामले में कार्रवाई की मांग भी उठने लगी है।प्रशासन से कार्रवाई की मांग की जा रही है। वहीं स्थानीय लोगों और पशु प्रेमियों ने जिला प्रशासन और परिवहन विभाग से मांग की है कि ऐसे ओवरलोडेड और नियमों को ताक पर रखने वाले पोल्ट्री वाहनों के खिलाफ सख्त चेकिंग अभियान चलाया जाए। पशु क्रूरता अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए क्षमता से अधिक मुर्गी ढोने वाले चालकों और संबंधित कारोबारियों पर जुर्माना लगाया जाए।
