मकसूद आलम
साहेबगंज।सावन का पावन महीना और भगवान भोलेनाथ की भक्ति… इन दोनों का अद्भुत संगम गुरुवार को बाबा नगरी शिवगादी में देखने को मिला। वैदिक मंत्रोच्चार,शंखनाद और “हर-हर महादेव” के गगनभेदी उद्घोष के बीच मासव्यापी श्रावणी मेले का विधिवत शुभारंभ हुआ। मुख्य तोरण द्वार पर फीता काटकर एवं नारियल फोड़कर मेले का उद्घाटन किया गया, जिसके साथ ही शिवगादी एक बार फिर श्रद्धा,आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा के विशाल केंद्र में बदल गई।श्रावण मास में शिवगादी का वातावरण पूरी तरह शिवमय हो जाता है। दूर-दराज़ से आने वाले श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से यहां की गई प्रार्थना भोलेनाथ अवश्य स्वीकार करते हैं। यही विश्वास हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं को शिवगादी तक खींच लाता है।

उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि झामुमो के केंद्रीय सचिव एवं प्रदेश प्रवक्ता पंकज मिश्रा ने कहा कि राज्य सरकार बाबा नगरी शिवगादी को राष्ट्रीय स्तर के प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।उन्होंने कहा कि जल्द ही रोप-वे परियोजना पर पहल होगी तथा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हेलिपैड निर्माण की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि शिवगादी अब केवल झारखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के धार्मिक मानचित्र पर अपनी अलग पहचान बना चुकी है।उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 40 सुलभ शौचालय एवं स्नानघर तैयार किए गए हैं। भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त चलंत शौचालय, चिकित्सा शिविर, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रत्येक सोमवार को प्रशासनिक अधिकारी स्वयं मेला क्षेत्र में मौजूद रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे।उपायुक्त दीपक कुमार दुबे ने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ और व्यवस्थित वातावरण मिले।

वहीं पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिंह ने भरोसा दिलाया कि पूरे मेले के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं और पुलिस पूरी सतर्कता के साथ श्रद्धालुओं की सेवा में लगी रहेगी।श्रावणी मेले की शुरुआत के साथ ही शिवगादी का हर कोना भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो गया। मंदिर परिसर में घंटियों की मधुर ध्वनि, शिवभक्तों के जयघोष और पूजा-अर्चना ने ऐसा आध्यात्मिक माहौल बनाया, जिसने हर श्रद्धालु को भक्ति में सराबोर कर दिया। पूरा क्षेत्र मानो शिवमय हो उठा।

श्रद्धा के साथ विकास की नई पहचान—
एक समय केवल स्थानीय आस्था का केंद्र रहा शिवगादी आज आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित धार्मिक पर्यटन स्थल बनने की ओर तेजी से बढ़ रहा है। सड़क,शौचालय, स्वास्थ्य सेवा, सुरक्षा व्यवस्था और प्रस्तावित रोप-वे एवं हेलिपैड जैसी योजनाएं आने वाले समय में इस पवित्र धाम को देश के प्रमुख शिव तीर्थों की श्रेणी में स्थापित कर सकती हैं।
श्रद्धालुओं के लिए संदेश—
सावन के इस पावन अवसर पर शिवगादी पहुंचने वाले श्रद्धालुओं से प्रशासन ने अपील की है कि वे स्वच्छता बनाए रखें, प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें और बाबा भोलेनाथ की नगरी की गरिमा बनाए रखने में सहयोग दें.जहां गूंजता है हर-हर महादेव का जयघोष, जहां आस्था बनती है आत्मविश्वास… वही है बाबा नगरी शिवगादी। सावन में यहां पहुंचने वाला हर भक्त अपने साथ सिर्फ प्रसाद नहीं, बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा और नई आशा भी लेकर लौटता है।

