समाचार चक्र संवाददाता
पाकुड़। सदर प्रखंड के सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) योजना के तहत बच्चों की उपस्थिति को लेकर चिंताजनक स्थिति सामने आई है। जुलाई महीने में प्रखंड औसत से भी कम उपस्थिति दर्ज करने वाले 33 सरकारी एवं सहायता प्राप्त स्कूलों के सदस्य संयोजकों से प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी (बीईईओ) सह प्रखंड समन्वयक ने स्पष्टीकरण (शो-कॉज) मांगा है।
जुलाई में दर्ज हुई मात्र 64% उपस्थिति, वरीय अधिकारियों ने जताई नाराजगी
बीईओ द्वारा जारी ज्ञापांक 670 के अनुसार, जुलाई 2026 में पाकुड़ प्रखंड के विद्यालयों में मध्याह्न भोजन के दौरान बच्चों की औसत उपस्थिति मात्र 64 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो जिला औसत से कम है। जिला एवं राज्य स्तर पर हर महीने होने वाली समीक्षा के दौरान वरीय अधिकारियों द्वारा इस कम उपस्थिति पर प्रश्न पूछा गया और कारण बताने का निर्देश दिया गया।
इन 33 स्कूलों से मांगा गया स्पष्टीकरण:
उमवि. फरसा, उउवि. ईलामी, उउवि. बेलडांगा, उमवि. तारानगर, उमवि. संग्रामपुर, प्रावि. भुषका, मध्य विद्यालय झिकरहटी, उमवि. जयकिष्टोपुर, उमवि. कुड़ापाड़ा, उमवि. कुमारपुर, उउवि. अंजना, प्रावि. मरुआपहड़ी, उमवि. सीतापहड़ी, प्रावि. उदनारायणपुर, उमवि. आर्दश बिल्टू, उउवि. रहसपुर, प्रावि. मालीपाड़ा, मध्य विद्यालय पाइकपाड़ा, उउवि. पोचाथोल, उउवि. गगनपहड़ी, उमवि. कुसमाडांगा टू, उप्रावि. सिगडाबनपाड़ा, मॉडल विद्यालय कासिला, हरिणडांगा उच्च विद्यालय, उमवि. सोनाजोड़ी, उप्रावि. कासियाडांगा, प्रावि. पिपरजोड़ी, नव प्रावि. श्रीरामपुर, मदरसा ओल्ड फरसा, उमवि. किस्मतकदमसार, मदरसा सिराजुल उलूम नरोत्तमपुर, उमवि. नरोत्तमपुर, उमवि. श्यामपुर
अभिभावकों से संपर्क कर उपस्थिति सुधारने के निर्देश
प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी ने सभी 33 स्कूलों के संयोजकों को निर्देश दिया है कि वे स्पष्ट करें कि किस परिस्थिति में विद्यालय की औसत उपस्थिति कम हुई है। साथ ही, विद्यालय नहीं आने वाले बच्चों के अभिभावकों से लगातार संपर्क कर उपस्थिति बढ़ाने का प्रयास करने को कहा गया है। इसके अलावा, संकुल साधन सेवियों को इन विद्यालयों का अनुश्रवण (मोनिटरिंग) कर उपस्थिति में सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
