समाचार चक्र संवाददाता
पाकुड़।दिन में सड़कों पर दौड़ते खनिज लदे वाहनों की निगरानी तो होती ही है, लेकिन अब रात के अंधेरे में भी प्रशासन की नजर खनिज परिवहन पर है। अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन पर शिकंजा कसने के लिए जिला प्रशासन ने देर रात चेकपोस्टों की अचानक जांच शुरू कर दी है।इसी कड़ी में सोमवार देर रात अनुमंडल पदाधिकारी के नेतृत्व में पाकुड़ अंचल के चार महत्वपूर्ण चेकपोस्टों,चेंगाडांगा, पत्थरघट्टा,प्यादापुर और चांदपुर का औचक निरीक्षण किया गया।प्रशासनिक टीम के अचानक पहुंचने से चेकपोस्टों पर तैनात कर्मियों में भी सतर्कता बढ़ गई।
दस्तावेज से लेकर चालान तक खंगाले—
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औचक निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने खनिज परिवहन से जुड़े वाहनों की जांच की। वाहनों के आवश्यक दस्तावेज, चालान तथा खनिज परिवहन से संबंधित निर्धारित नियमों के अनुपालन की स्थिति का जायजा लिया गया।अधिकारियों ने यह भी देखा कि चेकपोस्ट पर तैनात कर्मी वाहनों की जांच किस प्रकार कर रहे हैं और संदिग्ध गतिविधियों पर उनकी निगरानी कितनी प्रभावी है।
रात में बढ़ जाती है चुनौती—
खनिज परिवहन वाले क्षेत्रों में रात के समय वाहनों की आवाजाही बढ़ने के कारण निगरानी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती रहती है। ऐसे में देर रात होने वाला औचक निरीक्षण सिर्फ वाहनों की जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि चेकपोस्ट व्यवस्था की कार्यप्रणाली को परखने का भी माध्यम है।प्रशासन का संदेश साफ है कि चेकपोस्ट केवल कागजों की जांच का स्थान नहीं, बल्कि अवैध खनिज परिवहन को रोकने की महत्वपूर्ण कड़ी हैं।
कर्मियों को दी गई सख्त हिदायत—
निरीक्षण के दौरान चेकपोस्ट पर तैनात कर्मियों को पूरी सतर्कता के साथ जिम्मेदारी निभाने का निर्देश दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी वाहन के संबंध में संदिग्ध अथवा अवैध खनिज परिवहन की जानकारी मिलने पर नियमानुसार तत्काल कार्रवाई की जाए।
मौके पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, खनन निरीक्षक सहित पुलिस पदाधिकारी मौजूद रहे।
प्रशासन की निगरानी अब लगातार—
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन, अवैध परिवहन और अवैध भंडारण के खिलाफ जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।देर रात चार चेकपोस्टों का औचक निरीक्षण इस बात का संकेत है कि प्रशासन अब खनिज परिवहन की निगरानी को केवल दिन के अभियान तक सीमित नहीं रखना चाहता। रात के अंधेरे में भी चेकपोस्टों पर प्रशासन की नजर रहेगी।

