असलम अंसारी@समाचार चक्र
पाकुड़-साहेबगंज जिले के बरहेट के महान एवं प्रतिष्ठित व्यक्तित्व मूसा साहब का 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया। इस खबर से पूरे क्षेत्र में बहुत दुख और शोक की लहर है। मूसा साहब बहुत गंभीर और खुश मेजाज थे। ओलामाओ की इज्जत व बड़ी कद्र करते थे,नमाज रोजे के पाबंद भी थे कौम व मिल्लत के बहीखा भी थे। दीनी मिलली एदारो के बड़े हमदर्द खैरखा थे। उनके पास मस्जिद व मकातेब निर्माण और विकास के लिए विशेष अंतर्दृष्टि थी। जब भी जरूरत होती थी, मूसा साहब आगे आकर लोगों को प्रोत्साहित करते थे।
उल्लेख किया गया है कि जनाब मूसा साहब मुफ्ती अब्दुल अजीज हक्कानी साहब रहेमाहुललाह के बहुत बड़े अकीदतमंद थे।मुफ्ती साहब के बेटे अजमल सलाफी, अल-फलाह एजुकेशनल सोसाइटी, बड़ासोनाकड झारखंड के अध्यक्ष हैं। और अल-फलाह के सिनीयर मौलाना इशाक शम्सी भी जनाजा में शामिल हुए। उन्होंने मूसा साहब के बेटे ईसा और यूशा को खेराजे अकीदत देते हुए अपनी दीली ताजियत का ईजहार किया संवेदना व्यक्त की और धैर्य रखने की अपील की।साथ ही उनके लिए प्रार्थना का अनुरोध किया। मालूम हो कि मौलाना अब्दुर रहीम साहब मालदही ने मूसा साहब के जनाजे की नमाज पढ़ाई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मूसा साहब, रहेमाहुलला, उनके पास मैट्रिक की डिग्री थी और वह कपड़े का व्यापार करते थे। वह अपने पीछे अपनी पत्नी, बेटे ईसा और यूशा और दो बेटियों, हसन आरा और जमीला खातून को छोड़ गए। अल्लाह उन सभी को स्वस्थ जीवन प्रदान करें और उन्हें तौहीद और सुन्नत पर दृढ़ रखें।अल्लाह उस पर रहम करें और उसे जन्नत में उच्च स्थान प्रदान करें।