अबुल काशिम@समाचार चक्र
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पाकुड़। कांग्रेस पार्टी में जिस तरह से तनवीर आलम का कद निरंतर बढ़ा है, उससे उनकी काबिलियत को साफ दर्शाता है। एक सामान्य कार्यकर्ता से प्रदेश महासचिव तक का सफर कोई यूं ही तय नहीं कर पाता है। इसके लिए पार्टी के प्रति समर्पण की भावना और मेहनत के साथ-साथ कार्यकुशलता की खास आवश्यकता होती है। ये सारे गुण तनवीर आलम में मौजूद है। कांग्रेस प्रदेश महासचिव तनवीर आलम में ये गुण तो है ही, एक और खासियत उनकी सादगी और मिलनसार स्वभाव भी है। इन्हीं गुणों से आम जनता के बीच उनकी लोकप्रियता निरंतर बढ़ती जा रही है। तनवीर आलम की लोकप्रियता का अंदाजा उनकी जनसभाओं या क्षेत्र भ्रमण के दौरान उमड़ती भीड़ की तस्वीरों से लगाया जा सकता है। पिता पूर्व मंत्री आलमगीर आलम का हाथ पकड़कर राजनीति में कदम रखने वाले तनवीर आलम आज किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। कांग्रेस प्रदेश महासचिव के पद पर काबिज तनवीर आलम का नाम खासकर पाकुड़ विधानसभा क्षेत्र के हर गांव मुहल्लों में गुंजती है। ये सिर्फ बातें भर नहीं, बल्कि सच्चाई यही है। तनवीर आलम ने कई बार कठिन परिस्थितियों में भी अपनी काबिलियत को साबित कर दिखाया है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण पिछला विधानसभा का चुनाव है। जिसमें कांग्रेस के दिग्गज नेता पिता आलमगीर आलम की अचानक से गैरमौजूदगी में भी पार्टी को पाकुड़ विधानसभा सीट पर ऐतिहासिक जीत दिलाने में बड़ी भूमिका अदा की। पिछले विधानसभा चुनाव में मां निसात आलम की ऐतिहासिक जीत में तनवीर आलम ने जो भूमिका निभाया, उससे तनवीर आलम की राजनीतिक परिपक्वता भी साबित हो गई। जिस पर कहीं ना कहीं कुछ लोग सवाल उठाने का प्रयास भी कर रहे थे। पिता की गैरमौजूदगी में विरोधियों की लाख कोशिशों के बावजूद चौंकाने वाला परिणाम लाने में सफल रहे। जीत ऐसी कि विरोधी दूर-दूर तक नजर नहीं आए। इस ऐतिहासिक जीत से विरोधी सिर्फ हाथ मलते रह गए। यह कहना भी गलत नहीं होगा कि लोग तनवीर आलम की सादगी, मृदुभाषी और मिलनसार स्वभाव की चर्चा करते थकते नहीं हैं। यहां तक कि कांग्रेस पार्टी को सपोर्ट नहीं करने वाले लोग भी व्यक्तिगत रूप से तनवीर आलम की सादगी की चर्चा करते हैं। इसमें एक और खास बात यह है कि तनवीर आलम से कोई भी व्यक्ति मिलकर अपनी बात बेहिचक रख सकते हैं। भले ही वह व्यक्ति उनकी पार्टी के समर्थक नहीं हो, पर समय जरूर देते हैं। तनवीर आलम की लोकप्रियता हाल के दिनों में आम जनता के बीच उनकी तस्वीरों से साफ पता चलता है। इधर शनिवार को ही जब तनवीर आलम रहसपुर गांव में आयोजित एक जनसभा में पहुंचे, तो भीड़ ने उनका इस कदर स्वागत किया कि लोगों में यह चर्चा का विषय बन गया है। तनवीर आलम जिंदाबाद के नारों के साथ गुलदस्ता हाथों में लिए ग्रामीणों का स्वागत का वह नजारा स्थानीय तौर पर बहुत कम ही देखने को मिलता है। पुरुषों के बीच भीड़ में फंसे तनवीर आलम की एक झलक पाने के लिए महिलाओं की मौजूदगी भी कम नहीं थी। कांग्रेस प्रदेश महासचिव तनवीर आलम ने उनका अभिनंदन करते हुए सभी की बातों को ध्यान से सुना और उनकी बातों को प्राथमिकता भी दी। यह तो सिर्फ एक जनसभा की तस्वीरें थी, ऐसे हजारों तस्वीरें हैं जो तनवीर आलम की लोकप्रियता की गवाही बनी है। लोगों में चर्चा है कि उनकी बढ़ती यह लोकप्रियता विरोधियों के लिए चुनौती बन गई है।
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