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समाचार चक्र संवाददाता
पाकुड़। आजसू नेता आलोक जय पॉल उर्फ बाबू पॉल को शहर में दंगा भड़काने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने उन्हें बुधवार की रात को गिरफ्तार किया है। अगले दिन गुरुवार को जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी कर उन्हें जेल भेज दिया गया। एसडीपीओ डीएन आजाद ने इसी मामले में गुरुवार की सुबह करीब 11:15 बजे नगर थाना में प्रेस कांफ्रेंस भी की। एसडीपीओ डीएन आजाद ने बताया कि 27 जनवरी 2026 को गांधी चौक के पास दिल्ली पब्लिक स्कूल की बस से एक युवक की मृत्यु हो गई थी। इसके बाद घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने युवक के शव को सड़क पर रखकर नाजायज तरीके से मजमा लगाते हुए सड़क जाम कर दिया था। यह नाजायज मजमा सुंयोजित ढंग से जानबूझकर की गई थी। जिससे यातायात बाधित हो गया था। उन्होंने बताया कि कुछ असामाजिक तत्वों ने लाठी-डंडा और हरवे-हथियार लेकर पुलिस और प्रशासन के खिलाफ आपत्तिजनक नारेबाजी भी की थी। इतना ही नहीं मारपीट और पत्थरबाजी भी की गई। इस घटना में कई पुलिसकर्मी जख्मी हो गए। एसडीपीओ डीएन आजाद ने कहा कि पुलिस प्रशासन विधि सम्मत कार्रवाई करना चाह रही थी। लेकिन असामाजिक तत्वों के द्वारा पुलिस प्रशासन की कार्रवाई को रोका गया। उन्होंने बताया कि असामाजिक तत्वों ने शहर के कई जगहों पर उत्पात मचाया और आगजनी की। इससे सरकारी और व्यक्तिगत संपत्ति को नुकसान पहुंचा। दिल्ली पब्लिक स्कूल में भी उपद्रव और आगजनी कर नुकसान पहुंचाया गया। एसडीपीओ ने बताया कि भीड़ को एकत्रित कर उकसाने और असामाजिक तत्वों को उग्र करने, दंगा फसाद करने और कराने में जितने भी लोग शामिल थे, उनमें से आलोक जय पॉल उर्फ बाबू पॉल की अहम भूमिका थी। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही थी। इधर सूचना और तकनीकी साक्ष के आधार पर 18 मार्च को उन्हें गिरफ्तार किया गया।
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क्या है मामला
गत 27 जनवरी 2026 को शहर के गांधी चौक के पास सुबह दिल्ली पब्लिक स्कूल की बस ने स्कूटी सवार 22 वर्षीय युवक मृदुल चंद्र को कुचल दिया। जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित भीड़ ने चक्का जाम कर दिया और डीपीएस स्कूल की बसों में तोड़फोड़ की गई। जिससे करीब नौ से दस घंटे तक शहर में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। गुस्साई भीड़ ने पाकुड़-धुलियान और पाकुड़-दुमका मार्ग को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारी मृतक के परिवार के लिए 50 लाख रुपए के मुआवजे की मांग कर रहे थे। हालांकि बाद में सफल वार्ता के बाद जाम हट गया और लोग शांत हो गए।
इन धाराओं में दर्ज किया गया मामला
इस घटना को लेकर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ 28 जनवरी को धारा 189 (2), 189 (3), 189 (4), 189 (5), 190, 191 (2), 191 (3), 221, 222, 132, 285, 126 (2), 326 (ह), 324 (3), 324 (5), 62, 109 (1) बीएनएस के तहत नगर थाना कांड संख्या 16/2026 दर्ज है।
बाबू पॉल का अपराधिक इतिहास
एसडीपीओ डीएन आजाद ने बताया कि बाबू पॉल का अपराधिक इतिहास रहा है। नगर थाना में बाबू पॉल के खिलाफ पूर्व में भी कई आपराधिक मामले दर्ज हुए हैं। इनमें कांड संख्या 212/23 (धारा 147, 148, 149, 307, 323, 341, 385, 504, 506 भादंवि), कांड संख्या 215/20 (धारा 323, 341, 384, 504, 506 भादंवि), कांड संख्या 13/23 (धारा 323, 341, 389, 34 भादंवि, एससी-एसटी एक्ट 3 (1) (आर)), कांड संख्या 205/9 (धारा 307, 323, 341, 379, 385, 34 भादंवि) तथा न्यायालय का जीआर 476/07, टीआर 915/07 (धारा 406, 420, 467, 468, 471, 34 भादंवि) शामिल हैं।


