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समाचार चक्र संवाददाता
पाकुड़। राजनीति में जनप्रतिनिधि की असली पहचान जनता के बीच उसकी स्वीकार्यता और विश्वास से होती है। इसी विश्वास की झलक उस समय देखने को मिली जब झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री आलमगीर आलम ने पाकुड़ जिले के शहबाजपुर और भवानीपुर पंचायत में आयोजित जनसभाओं को संबोधित किया। दोनों पंचायतों में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति ने यह स्पष्ट कर दिया कि जनता आज भी उनसे उम्मीदें लगाए बैठी है।जनसभा के दौरान ग्रामीणों ने सड़क, पेयजल,शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी अपनी समस्याओं को खुलकर रखा। लोगों ने क्षेत्र के विकास और जनहित से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात पूर्व मंत्री के समक्ष रखी। आलमगीर आलम ने धैर्यपूर्वक सभी समस्याओं को सुना और भरोसा दिलाया कि जनता की जायज समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि “जनता का प्यार, विश्वास और सहयोग ही मेरी सबसे बड़ी पूंजी है। शहबाजपुर और भवानीपुर की सम्मानित जनता ने जिस आत्मीयता और स्नेह के साथ मेरा स्वागत किया है, उसके लिए मैं हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।”
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उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास और लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए वे हमेशा प्रतिबद्ध रहे हैं और आगे भी रहेंगे। जो भी समस्याएं उनके संज्ञान में आई हैं, उन्हें संबंधित विभागों एवं अधिकारियों के माध्यम से जल्द से जल्द दूर कराने का प्रयास किया जाएगा।जनसभा में मौजूद लोगों ने भी अपनी अपेक्षाएं व्यक्त करते हुए कहा कि क्षेत्र के विकास कार्यों को गति देने और जनसमस्याओं के समाधान के लिए निरंतर प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। कार्यक्रम के दौरान समर्थकों और कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला।जनसभा केवल राजनीतिक कार्यक्रम नहीं थी,बल्कि जनता और जनप्रतिनिधि के बीच संवाद का ऐसा मंच बनी, जहां लोगों ने अपनी पीड़ा भी साझा की और विकास की उम्मीद भी जताई। शहबाजपुर और भवानीपुर की यह जनसभा एक बार फिर यह संदेश दे गई कि लोकतंत्र की असली ताकत जनता के बीच जाकर उनकी आवाज सुनने में है।


