समाचार चक्र संवाददाता
पाकुड़। बिजली की आंख-मिचौली का खेल गर्मी आते ही शुरू हो गया है। दिन भर आना-जाना और घंटों गायब रहना, बिजली की पुरानी आदतें हैं। बिजली की यही पुरानी आदत बढ़ती गर्मी के साथ-साथ उपभोक्ताओं को परेशान करने लगी है। जब तक ठंड का मौसम था, तब तक तो उपभोक्ताओं के लिए राहत थी। जैसे ही गर्मी का मौसम आया, उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ने लगी। दिन भर 24 घंटे में दर्जनों बार बिजली का आना-जाना लगा रहता है। घंटों गायब रहने की आदत भी नहीं छूटी है। हालांकि बिजली विभाग में कार्यरत मिस्रियों से जानकारी मिल रही है कि लोड बढ़ने से ऐसी स्थिति उत्पन्न हो रही है और वे खुद भी परेशान है। मिस्रियों के लिए परेशानी का कारण यह बताया जा रहा है कि फॉल्ट बहुत ज्यादा हो रही है। एक तो फॉल्ट को ढूंढ निकालने में समय लगता है और ढूंढ़ते ढूंढ़ते परेशान रहते हैं। दूसरी तरफ ऐसी भी स्थिति आ जाती है कि एक फॉल्ट की मरम्मत होते ही, फिर से कोई ना कोई फॉल्ट सामने आ जाता है। जिस वजह से बिजली मिस्रियां भी परेशान हो जाते हैं। हालांकि उपभोक्ताओं का सवाल है कि बिजली विभाग गर्मी से पहले तैयारी क्यों नहीं कर लेते हैं। उपभोक्ताओं का मानना है कि अगर विभाग गर्मी से पहले मौसम को देखते हुए तैयारी कर लेंगे, तो बार-बार फॉल्ट जैसी स्थिति उत्पन्न नहीं होगी। लेकिन जब गर्मी में बिजली की ज्यादा जरूरत पड़ती है, तभी विभाग मेंटेनेंस के नाम पर व्यस्त हो जाते हैं। यहां के जनप्रतिनिधि भी कभी भी भाषणों के अलावा बिजली के मुद्दे पर कोई कदम नहीं उठाते हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि स्थानीय जनप्रतिनिधि सिर्फ वोट बैंक की राजनीति करते हैं, उन्हें उपभोक्ताओं की परेशानी से कोई मतलब नहीं रहता है। पूरे जिले में बिजली की ऐसी खराब स्थिति है कि, गर्मी में लोगों की हालत खराब हो जाती है। नियमित रूप से कभी भी गर्मी में बिजली नहीं मिलती है। अक्सर किसी न किसी रूप में बिजली आपूर्ति में बाधा उत्पन्न हो जाती है। जिसका खामियाजा सीधे तौर पर उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ता है। जिले भर में काफी जगह पर जर्जर और पुराने तार लगे हुए हैं। ये बिजली तार न सिर्फ टूट कर बिजली आपूर्ति में बाधा उत्पन्न करती है, बल्कि हादसे का भी डर बना रहता है। बहुत सारे जगह पर केबुल वाली तार नहीं लगाए गए हैं। जिस वजह से अक्सर तार टूटने का सिलसिला सा लगा रहता है। बिजली विभाग को और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को बिजली के मामले में ठोस कदम उठाना चाहिए।