केप्सन-रोते बिलखते पिता,सोर्स-समाचार चक्र
मकसूद आलम/काशिम की ग्राउंड रिपोर्ट
पाकुड़। बीजीआर कोल कंपनी के लोटामारा स्थित रेलवे साइडिंग में रविवार को एक जघन्य कृत्य सामने आया है। कंपनी के साइडिंग में काम करने वाले एक सुरक्षा गार्ड का शव कोयले के ढेर से बरामद किया गया है। कोयले के ढेर से गार्ड का बाइक भी मिला है। परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। शव और बाइक को कोयले के ढेर में दबा कर साक्ष्य छुपाने की कोशिश की आशंका जताई है। वहीं घटना की सूचना मिलने पर पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। पुलिस पदाधिकारियों की एक के बाद एक गाड़ियां साइडिंग पहुंचने लगी। काफी संख्या में पुलिस बल तैनात किए गए। एसडीपीओ अजीत कुमार विमल स्वयं घटना स्थल पर पहुंचे। पुलिस निरीक्षक सह नगर थाना प्रभारी मनोज कुमार, मालपहाड़ी ओपी प्रभारी सत्येंद्र यादव, एसआई संतोष कुमार सहित अन्य अधिकारी अपनी टीम को लेकर पहुंचे। अंचल अधिकारी (सीओ) भागीरथ महतो, अंचल निरीक्षक देवकांत सिंह एवं अंचल कर्मी शिवाशीष वात्स्यायन भी पहुंचे। वहीं रेलवे से आरपीएफ के पदाधिकारी गौरव चौधरी भी दल-बल के साथ पहुंचे।
घटनास्थल पर नहीं पहुंचे बीजीआर के कोई अधिकारी
पीड़ित परिवार की ओर से बार-बार मांग करने के बावजूद बीजीआर कोल कंपनी के कोई भी अधिकारी झांकने तक नहीं आए। एसडीपीओ अजीत कुमार विमल ने घटनास्थल से कंपनी के अधिकारी से दूरभाष पर बात भी की और कहा कि आप लोगों के आने पर मामला सुलझ जाएगा। फिर भी कोई अधिकारी वहां नहीं पहुंचे। यह अलग बात है वार्ता के लिए एसडीपीओ कार्यालय में कंपनी के वाइस चेयरमैन अनिल रेड्डी पहुंचे थे। घटनास्थल पर कंपनी के किसी भी अधिकारियों या प्रतिनिधि के नहीं आने को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होने लगी।
मुखिया पुत्र के रूप में हुई पहचान
मृतक गार्ड की पहचान मालपहाड़ी ओपी क्षेत्र के चेंगाडांगा पंचायत के मुखिया बिपिन सरदार का पुत्र 22 वर्षीय सुबीर पहाड़िया के रुप में हुई है। वह साइडिंग में सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत था। अन्य दिनों की तरह रविवार को भी ड्यूटी ज्वाइन करने के लिए अहले सुबह घर से निकला था।
पिता ने जताई हत्या की आशंका
मृतक गार्ड के पिता सह मुखिया बिपिन सरदार ने घटनास्थल पर मीडिया से बात करते हुए बताया कि उनका पुत्र साइडिंग में गार्ड का काम करता था। यहां सुबह 5:00 बजे उसकी ड्यूटी थी। कहा कि सुबह 4:30 बजे घर से बाइक से निकला था। घर से निकलने के बाद फोन पर जानकारी मिली कि सुबीर का एक्सीडेंट हो गया है। जैसे ही जानकारी मिली मैं दौड़े-दौड़े परिवार के साथ साइडिंग पहुंचे। इधर-उधर काफी खोजबीन की। लेकिन कोई पता नहीं चल पाया। इसी दौरान पुत्र सुबीर के बाइक का टूटा हुआ शीशा दिखा। इतने में सूचना पर पुलिस पदाधिकारी पहुंचे। शक होने पर डंपिंग किए गए कोयले के ढेर में जेसीबी से खोज करने लगे। तभी कोयले के ढेर से बाइक मिला और फिर पुत्र सुबीर का शव भी निकाला गया। उन्होंने बताया कि मेरे पुत्र की हत्या की गई है और साक्ष्य छुपाने के लिए बाइक और शव को कोयले के ढेर में दबा दिया गया।
एसडीपीओ ने कहा
एसडीपीओ अजीत कुमार विमल ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि मामले की गहराई से जांच होगी। दोषी व्यक्ति किसी भी हालत में बख्शें नहीं जाएंगे। पुलिस हर बिंदु पर जांच करेगी। इसमें चाहे किसी की भी संलिप्तता हो, बख्शा नहीं जाएगा। यह बेहद ही जघन्य अपराध है।
लोगों में चर्चा
घटना को लेकर मृतक गार्ड के पिता सह मुखिया बिपिन सरदार ने स्पष्ट रूप से हत्या का आरोप लगाया है। वहीं घटनास्थल पर यह चर्चा हो रही थी कि घटना को अंजाम देने वाले बेहद ही बेरहमी से ऐसा कृत्य किया है। अंजाने में चाहे दुर्घटना हुई हो या जानबूझकर किया गया घटना हो, शव को बड़ी बेरहमी से मशीन से घसीटते हुए कोयले के ढेर में दबा दिया गया। बाइक को भी कोयले के ढेर में दबाया गया। इससे साफ पता चलता है कि अपराधी की कुछ और खतरनाक मंशा रही होगी। आशंका जताया गया कि शव और बाइक को मौका देखकर मालगाड़ी के वैगन में लोड कर दिया जाता। अगर ऐसा करने में सफल हो गया होता, तो शव मिलना भी नामुमकिन हो जाता। लोगों ने आरोपी की तलाश कर कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की। यह भी चर्चा थी कि साइडिंग में कोयला लोड करने वाले जेसीबी या अन्य मशीन से गार्ड सुबीर पहाड़िया को गंभीर चोटें लगने और फिर मौत हो जाने से घबराकर चालक ने इस तरह के कृत्य को अंजाम दिया होगा।
पीड़ित परिवार को 17 लाख का मिलेगा मुआवजा
पीड़ित परिवार को 17 लाख रुपए का मुआवजा मिलेगा। एसडीपीओ के कार्यालय में सर्वसम्मति से बने शिष्टमंडलों के बीच यह तय किया गया। एसडीपीओ अजीत कुमार विमल की मौजूदगी में लिए गए निर्णय में कंपनी के वाइस चेयरमैन अनिल रेड्डी, जेएमएम के जिलाध्यक्ष श्याम यादव, कांग्रेस से विधायक प्रतिनिधि सह जिला उपाध्यक्ष गुलाम अहमद बकुल, भाजपा के वरिष्ठ नेता अनुग्रहित प्रसाद साह के अलावा सीओ भागीरथ महतो, सीआई देवकांत सिंह, नगर थाना प्रभारी मनोज कुमार, आंचल कर्मचारी शिवाशीष वात्स्यायन, हीरानंदनपुर मुखिया नीपू सरदार एवं परिवार की ओर से राकेश कुमार माल मौजूद थे। वहीं सहमति के बाद तत्काल एक लाख रुपए नगद दिया गया। शेष राशि परिवार के संयुक्त खाते में एक सप्ताह के अंदर दिया जाएगा। इसके अलावा एक बाइक भी दिया जाएगा।

