अबुल काशिम@समाचार चक्र
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पाकुड़।नगर परिषद चुनाव का बिगुल बज चुका है।नाम निर्देशन की प्रक्रिया भी गुरुवार से शुरू हो गई है। इस बार का चुनाव बिना दलीय आधार पर हो रहा है।अर्थात प्रत्याशियों को राजनीतिक पार्टियों के चुनाव चिन्ह की आवश्यकता बिल्कुल भी नहीं है। जबकि पिछला चुनाव दलीय आधार पर हुआ था और झारखंड मुक्ति मोर्चा को पछाड़ कर भारतीय जनता पार्टी ने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों पद पर कब्जा जमा लिया था।इस बार चुकी प्रत्याशियों को राजनीतिक दलों के सिंबल की जरूरत ही नहीं है, तब ऐसी स्थिति में एक ही पार्टी से जुड़े खासकर अध्यक्ष पद के लिए कई कई कैंडिडेट हो सकते हैं।नगर परिषद चुनाव का बिगुल बजते ही राजनीतिक दलों से जुड़े और चुनाव में दिलचस्पी रखने वाले लोगों के नामों की चर्चा भी शुरू हो गई है। इन्हीं चर्चाओं में कई राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों के नाम आ रहे हैं। विशेष कर भारतीय जनता पार्टी, झारखंड मुक्ति मोर्चा,कांग्रेस और आजसू पार्टी से जुड़े नेता या नेत्रियों के नामों की चर्चा ज्यादा है। जो अध्यक्ष या उपाध्यक्ष पद के लिए किस्मत आजमा सकते हैं।अध्यक्ष पद के लिए भारतीय जनता पार्टी से जुड़ी कई महिला नेत्रियों की नाम की चर्चा है और वे पीछे हटने को बिल्कुल भी तैयार नहीं है।जबकि झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस पार्टी से जुड़ी कई नेत्रियों के नाम भी सामने आ रहे हैं। इनके भी पीछे नहीं हटने की चर्चा है। आलम यह है कि मानने मनाने का वक्त आने पर शीर्ष नेताओं को भी नजर अंदाज किया जा सकता है। इस स्थिति में परिणाम का आंकलन करना फिलहाल तो बेहद ही मुश्किल काम है। अगर हम पिछले चुनाव की बात करें तो दलीय आधार पर चुनाव होने से परिणाम का अंदाजा शुरू में ही लगभग लग चुका था।भाजपा का पलड़ा शुरू से लेकर आखिर तक भारी रहा था।नगर परिषद का पिछला चुनाव साल 2018 में हुआ था। जिसमें भारतीय जनता पार्टी ने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों ही पद पर कब्जा जमाया था। अध्यक्ष पद पर संपा साह को 7914 वोट मिले थे।उन्होंने झारखंड मुक्ति मोर्चा की मीरा प्रवीण सिंह को 2695 वोटो के अंतर से हराया था। मीरा प्रवीण सिंह को 5219 वोट मिले थे।वर्तमान में मीरा प्रवीण सिंह भाजपा में है। अध्यक्ष पद के लिए खड़ी प्रत्याशी रितु पांडेय तीसरे नंबर पर थी। इसी तरह उपाध्क्ष पद पर भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी सुनील कुमार सिन्हा विजयी हुए थे। उन्हें 6116 वोट हासिल हुआ था। जबकि दूसरे स्थान पर रहे निर्दलीय प्रत्याशी सोमनाथ घोष को 3734 वोट मिले थे। इस चुनाव में उपाध्यक्ष की लड़ाई में झारखंड मुक्ति मोर्चा तीसरे नंबर पर थी।जबकि कांग्रेस काफी पीछे और चौथे नंबर पर चली गई थी। नगर परिषद के इस चुनाव में 21 वार्ड पार्षद चुने गए थे। इनमें कई पार्षदों ने दूसरी बार जीत हासिल करने में कामयाबी पाई थी। इस बार का चुनाव काफी दिलचस्प होने की उम्मीद है।
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