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पाकुड़। सदर प्रखंड अंतर्गत मदरसा जामिया अरबिया दारुल उलूम इस्लामिया देवतल्ला (उदयनारायणपुर) में कमिटी के पुनर्गठन को लेकर उत्पन्न विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। कमिटी गठन को लेकर ग्रामीण दो पक्षों में बंट गए हैं। गत 18 अगस्त को एक पक्ष के द्वारा कमिटी गठन की बातें सामने आने के बाद दूसरा पक्ष विरोध में खुलकर सामने आ गए हैं। दूसरे पक्ष में पुरानी कमिटी के पदाधिकारी शामिल हैं। इनमें पूर्व मुखिया मंसारुल हक तथा अशरफुल शेख मुख्य रूप से शामिल हैं। इधर शनिवार को पूर्व मुखिया मंसारुल हक एवं अशरफुल शेख सहित सैंकड़ों की संख्या में ग्रामीण बैंक ऑफ इंडिया पहुंच गए। ग्रामीण मदरसा के नाम से संचालित एकाउंट को फ्रीज करने की मांग करने लगे। ग्रामीणों का कहना था कि जब तक दोनों पक्ष में समझौता नहीं हो जाता, तब तक खाता में होल्ड लगा रहेगा। ताकि कोई भी निकासी नहीं हो और मदरसा के पैसों का गलत इस्तेमाल नहीं हो। इस दौरान पूर्व मुखिया एवं बीस सूत्री प्रखंड अध्यक्ष मंसारुल हक ने नई कमिटी के गठन में राजनीतिक षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि मदरसा में गरीब यतीम बच्चों को शिक्षा दिया जाता है। उन बच्चों को मदरसा की ओर से भोजन भी दिया जाता है। मदरसा के संचालन में सहयोग करने वालों में मुख्यतः चार पंचायतों के ग्रामीण जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि शुरुआती दिनों से ही गरीब यतीम बच्चों को शिक्षा दिलाने के लिए बेहतरीन तरीके से सभी मिलजुल कर हम लोग मदरसा को चलाते आ रहे हैं। ग्रामीणों के मांग पर गत 17 मार्च 2024 को मदरसा कमेटी का पुनर्गठन किया गया था। जिसमें पहले की कमेटी में शामिल हम लोगों को ही रखा गया। पुनर्गठन के बाद हम लोगों ने मदरसा संचालन में हुए खर्च यानी आय-व्यय का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। लेखा-जोखा प्रस्तुत करने के बाद ग्रामीणों ने कमेटी में पुरानी कमेटी के लोगों को ही रखने का प्रस्ताव लिया। प्रस्ताव के मुताबिक कमेटी का गठन हो गया और बैंक में संचालित खाता चलता रहा। पूर्व मुखिया मंसारुल हक ने कहा कि सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा था। इसी बीच एक पक्ष के लोगों ने 17 अगस्त 2024 को चोरी छिपे कमेटी का गठन कर लिया। इसकी जानकारी मिलते ही सबसे पहले पुरानी कमेटी में शामिल हम लोग बैंक आए और अकाउंट को लॉक कर दिया। लेकिन चोरी छिपे कमेटी गठन करने वाले लोग लॉक हटाने के लिए बैंक पर दबाव देने लगा। इसके बाद बैंक की ओर से पुरानी कमेटी में शामिल मुझे और अशरफुल शेख को सूचना देकर बुलाया गया और अकाउंट को लेकर बात रखने को कहा। पूर्व मुखिया मंसारुल हक ने कहा कि मदरसा कमेटी को लेकर दो पक्षों में असमंजस की स्थिति और विवाद की जानकारी थाना में भी दी गई थी। थाना की ओर से आज ही दोनों पक्षों को बुलाया गया था। पुरानी कमेटी में शामिल हम लोग और तीन सौ की संख्या में ग्रामीण थाना का सम्मान रखते हुए पहुंचे। लेकिन दूसरा पक्ष थाना नहीं आए। उन्होंने कहा कि बैंक के असिस्टेंट मैनेजर गोविंद झा जी के सामने हम लोगों ने बातें रखी और अकाउंट को लॉक रखने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि जब तक दोनों पक्ष के बीच कोई समझौता नहीं हो जाता और मामला शांत नहीं होता, तब तक अकाउंट को लॉक कर रखा जाए। हालांकि असिस्टेंट मैनेजर का कहना है कि प्रशासनिक किसी अधिकारी के लिखित आदेश से ही अकाउंट को लॉक रखा जा सकता है। इसलिए जितना जल्द हो सके नियम अनुसार चिट्ठी बैंक को उपलब्ध कराया जाए। पूर्व मुखिया मंसारुल हक ने कहा कि 18 अगस्त को जो चोरी छिपे कुछ लोगों ने कमेटी का गठन किया है, उसमें चार पंचायत के एक भी मुखिया को शामिल नहीं किया गया। जबकि कमेटी गठन के लिए आम सभा में शामिल होने की सूचना मुखिया सहित आम ग्रामीणों को भी मिलना चाहिए। ऐसा नहीं कर मनमर्जी तरीके से कमेटी का गठन कर लिया और खाता को चालू करने का दबाव बनाया जा रहा है। लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं होगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की ओर से हम मांग करते हैं कि 18 अगस्त की कमेटी को भंग कर सारे गांव वालों को बुलाकर नए सिरे से कमेटी का गठन किया जाए। मौके पर पृथ्वी नगर पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि सलीम शेख, झिकरहटी पुर्वी पंचायत के मुखिया अतिउर रहमान सहित अन्य मौजूद थे।