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Maqsood Alam
(News Head)

पाकुड़: रेलवे स्टेशन में यात्री सुविधाओं को दुरुस्त रखने में नाकाम साबित हो रहे अधिकारी

ईजरप्पा ने जताई नाराजगी, वरीय अधिकारियों से करेंगे शिकायत,लिफ्ट,स्वचालित सीढ़ी व शुद्ध पानी आदि व्यवस्था की बदहाली से बढ़ रहा आक्रोश

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Gunjan Saha
(Desk Head)

समाचार चक्र संवाददाता

पाकुड़। ईस्टर्न जोनल रेलवे पैसेंजर एसोसिएशन ने रेलवे स्टेशन में उपलब्ध यात्री सुविधाओं की बदहाली पर सख्त नाराजगी जताई है। लिफ्ट,स्वचालित सीढ़ी और शुद्ध पानी आदि व्यवस्थाओं की बदहाली से आक्रोशित हैं।इन व्यवस्थाओं की बदहाली के लिए सीधे तौर पर स्थानीय रेलवे अधिकारियों को जिम्मेवार ठहराया है। पाकुड़ रेलवे स्टेशन के जिम्मेदार अधिकारियों पर व्यवस्थाओं को दुरुस्त बनाए रखने में नाकामी का आरोप लगाया है।

इसको लेकर सीधे तौर पर कहा है कि रेलवे के स्थानीय अधिकारी व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने में नाकाम साबित हो रहे हैं।यह भी कहा है कि इसकी शिकायत जल्द ही रेलवे के वरीय अधिकारियों से करेंगे। इस संबंध में एसोसिएशन के अध्यक्ष हिसाबी राय, सचिव राणा शुक्ला,सह सचिव अनिकेत गोस्वामी के साथ-साथ नगर परिषद के निवर्तमान अध्यक्ष संपा साह ने भी अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी है।कहा है कि पूरे रेलवे स्टेशन सीसीटीवी कैमरा से लैस है। इसके बावजूद प्लेटफॉर्म में मौजूद यात्री सुविधाएं सुरक्षित नहीं है।

असामाजिक तत्व सामानों को चुरा ले जाते हैं।इधर हाल में ही पाकुड़ के प्रख्यात समाजसेवी लुत्फल हक के द्वारा ईस्टर्न जोनल रेलवे पैसेंजर्स एसोसिएशन के पहल पर शुद्ध ठंडा पेयजल के लिए चार वाटर कूलर सह आरओ प्लेटफार्म नंबर एक और दो पर लगवाया गया है. मगर खेद का विषय है कि वाटर कूलर सह आरओ के नलों की चोरी हो गई। जिसके चलते पिछले बीस दिनों से यात्रियों को मिलने वाला ठंडा पेयजल बाधित है।यह भी कहा है कि सीसीटीवी कैमरा अब सिर्फ शोभा की वस्तु बनकर रह गई है।ईस्टर्न जोनल रेलवे पैसेंजर्स एसोसिएशन के जद्दोजहद के उपरांत तत्कालिक मंडल रेल प्रबंधक,पूर्व रेलवे हावड़ा मनीष जैन के द्वारा वृद्ध, रोगियों,महिलाओं के सुविधा के लिए पाकुड़ रेलवे स्टेशन पर लिफ्ट एवं स्वचालित सीढ़ी का प्रावधान करवाते हुए उसे लगवाया गया। मगर विभागीय उदासीनता के कारण उक्त दोनों उपकरणों का परिचालन बंद है।फिर भी विभाग के कानों में जूं तक नहीं रेंगती है।विभागीय स्तर पर उन उपकरणों को चालू नहीं करने के बहाने अनेक है।दोनों उपकरण मात्र शोभा की वस्तु बनकर रह गई है।

पेयजल की उचित व्यवस्था रहते हुए भी यात्रियों को प्लेटफार्म पर शुद्ध पेयजल का घोर अभाव है।यात्रियों को शुद्ध पानी नहीं मिल पा रहा है और पानी दुर्गंध करता है। पाकुड़ रेलवे स्टेशन परिसर में आवारा पशुओं का इस कदर अत्याचार है की गाय,बैल,बछड़े चहुंओर विचरण करते रहते हैं।आरक्षण केंद्र प्रणाली के मुख्य द्वार तथा उसके अंदर बुकिंग काउंटर के पंखे के नीचे इत्यादि में जानवर विचरण रहते हैं। जिसके कारण रेल यात्री हर हमेशा परेशान रहते हैं तथा उन्हें भय बना रहता है।सौंदर्यीकरण के दृष्टिकोण से पाकुड़ रेलवे स्टेशन परिसर में लाखों की राशि खर्च कर बगीचा का निर्माण तत्कालिक मंडलीय अभियंता पूर्व रेलवे,हावड़ा राजीव रंजन के द्वारा करवाया गया। उसमें रेलवे पदाधिकारियों तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं के द्वारा कई बार वृक्षारोपण किया गया। मगर देख-रेख के अभाव में सारे वृक्ष को आवारा पशुओं ने अपना चारा बना लिया।आज भी उसमें गाय बैल एवं अन्य पशु हर हमेशा घूमते नजर आएंगे।

अगर स्टेशन के मुख्य द्वार एवं उनके चारों ओर काउकेचर लग गया होता तो शायद ऐसा ना हो पाता।पाकुड़ रेलवे स्टेशन परिसर में ऑटो-टोटो तथा विभिन्न गाड़ियां अपने निर्धारित स्थानों पर चालक द्वारा नहीं लगाकर रेलवे स्टेशन के मुख्य मार्ग पर लगाते हैं। जिससे गाड़ी पकड़ने वाले रेल यात्रियों को भीषण परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई बार यात्री दुर्घटनाग्रस्त भी हो चुके हैं। रेलवे स्टेशन परिसर में इसकी निगरानी करने वाला कोई नहीं है।कई बार यात्रियों के द्वारा गाड़ी को मुख्य द्वार से साइड में लगाने से मना करने पर ऑटो-टोटो चालक उससे झगड़ पड़ते हैं। रेल यात्रियों के साथ कई घटनाएं घटती है। लेकिन रेल यात्री परेशानियों से बचने के लिए तथा किसी विपदा में नहीं पड़ने के चक्कर में घटना उजागर नहीं कर पाते हैं।

पाकुड़ की जनता भी हमेशा से उठाती रही है स्टेशन के मुद्दे..

पाकुड़ रेलवे स्टेशन हावड़ा जोन में अधिक राजस्व देने वाला स्टेशन है.बावजूद सुविधा के नाम पर नगन्य है.मेल व एक्सप्रेस ट्रेन का ठहराव हो या सुविधाओं से जुड़े मामले,पाकुड़ स्टेशन हर स्तर पर विफल है.यहाँ की जनता ने कई बार आंदोलन भी कर चुकी है.बावजूद रेलवे अधिकारीयों के मनमानी रवैया के कारण बद से बदतर स्थिति बन चुकी है.पाकुड़ की जनता अब कोई मसीहा के तलाश में है.पाकुड़ रेलवे स्टेशन पश्चिम बंगाल, झारखण्ड और बिहार के सीमा से सटा हुआ स्टेशन है. ऐसे में यहाँ सभी गाड़ियों के ठहराव के साथ साथ प्रथम क्लास की सुविधाएं होना चाहिए.

क्या कहते है स्टेशन प्रबंधक….

पाकुड़ रेलवे स्टेशन प्रबंधक एल आर हेमब्रम से पूछने पर बताया की स्वचालित सीढ़ी और लिफ्ट इस लिए नहीं चल पा रहा है की फूल वोल्टेज नहीं मिल पा रहा है. एल सी डिपार्टमेंट ने मेमो दिया है. झारखण्ड सरकार से पावर प्रॉब्लम को दूर करने के लिए पत्राचार किया है.अपने स्तर से भी पत्राचार किया है. उम्मीद है जल्द सब कुछ ठीक हो जायेगा.

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