ललन झा@समाचार चक्र
अमड़ापाड़ा। हिंदुओं का महापर्व रामनवमी और मुसलमानों का मुकद्दस त्योहार ईद को लेकर मंगलवार को थाने में विधि-व्यवस्था संधारण हेतु शांति-समिति की बैठक हुई। बैठक में मौजूद सीओ आउट बीडीओ औसाफ़ अहमद खां, प्रमोद गुप्ता और पुलिस इंस्पेक्टर सह थाना इंचार्ज अनुप रोशन भेंगरा ने उपस्थित ग्रामीण गण मान्य से त्योहार को ले आवश्यक परंपरागत जानकारी प्राप्त किया। उल्लेखनीय है कि आगामी 6 अप्रैल को रामनवमी तथा चांद के दीदार पर 31 या 1 अप्रैल को ईद पर्व मनाया जाना है। स्थानीय हनुमान मंदिर में रामनवमी पूजन का आयोजन होना है। इस बावत पूजन समय , प्रसाद वितरण, जुलुश की निर्धारित रुट आदि बिंदुओं की जानकारी प्रशासन को दी गई। पाडेरकोला में रामनवमी पूजन करने की स्वतंत्रता दी गई किन्तु लॉ एंड ऑर्डर मेंटेन के परिप्रेक्ष्य में वहां किसी भी नए धार्मिक आयोजन की इजाजत प्रशासन ने नहीं दी। डूमरचीर गांव में भी रामनवमी के दौरान दुर्गा पूजन व 7 अप्रैल को प्रतिमा विसर्जन की सूचना ग्रामीणों ने प्रशासन को दिया। वहीं अमड़ापाड़ा -बेसिक स्कूल के निकट ईदगाह, पोखरिया रोड स्थित मस्जिद ए गोशिया तथा जामूगड़िया, पाडेरकोला आदि स्थित मस्जिदों में ईद की सामुहिक नमाज के निर्धारित समय अथवा नौ बजे सुबह तक नमाज के समाप्त होने की जानकारी अधिकारियों को दी गई। बीडीओ और सीओ ने त्योहारों के शांत और सौहार्दपूर्ण आयोजन में ग्रामीणों से सहभागी बनने की अपील किया। हाय साउंड डीजे से परहेज की अपील भी की गई।थाना प्रभारी ने सबों से आग्रह किया कि पर्व के दौरान किसी भी समस्या पर आप कानून को हाथ में न लें , तुरंत पुलिस को सूचित करें। प्रशासन सदैव आपकी सेवा में तत्पर रहेगा।सड़क पर पानी छिड़काव, पीएचईडी घाट की स्वक्षता, हनुमान मंदिर के निकट बैरिकेटिंग लगाने के लिए गए प्रस्ताव : त्योहार के दौरान सड़क पर कोल कंपनी द्वारा नियमित जल छिड़काव, चैती छठ के मद्देनजर पीएचईडी घाट की सफाई और आवाजाही को सहज व ट्रैफिक कंट्रोल के लिए महावीर मंदिर के निकट बैरिकेटिंग लगाने का आश्वासन भी प्रशासन ने ग्रामीणों को दिया।
बैठक में मुख्यतः ये थे मौजूद : मुखिया गयालाल देहरी, सरदार मजहर अली, मुस्लिम अंसारी, महावीर मंदिर पूजा समिति के अध्यक्ष मंटू भगत, सदस्य संतोष भगत, विजय भगत सहित पाडेरकोला और डूमरचीर के आशीष हेम्ब्रम, महादेव मिर्धा, विजय देहरी सहित झामुमो नेत्री जोसेफिना हेम्ब्रम आदि बैठक में मौजूद थे।