समाचार चक्र संवाददाता
पाकुड़।किसी अस्पताल में इलाज के दौरान अचानक रक्त की जरूरत पड़ जाए और समय पर रक्त उपलब्ध न हो, तो मरीज और उसके परिजनों की चिंता बढ़ जाती है। सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति हो, थैलेसीमिया से जूझ रहा मरीज हो या गंभीर एनीमिया से पीड़ित व्यक्ति-कई परिस्थितियों में समय पर रक्त मिलना जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसी जरूरत को देखते हुए पाकुड़ जिला प्रशासन ने विशेष रक्तदान अभियान को व्यापक रूप देने की तैयारी शुरू कर दी है।बुधवार को उपायुक्त मेघा भारद्वाज की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक हुई। इसमें आगामी 18, 24 एवं 28 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाले विशेष रक्तदान शिविर की तैयारियों की समीक्षा की गई। शिविर का आयोजन ब्लड बैंक, पाकुड़ में किया जाएगा।
सिर्फ शिविर नहीं,जिले में रक्त उपलब्धता बढ़ाने की कवायद—
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बैठक में प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अभियान का उद्देश्य केवल एक-दो दिन रक्त संग्रह करना नहीं,बल्कि जिले में जरूरत के समय पर्याप्त रक्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में नियमित स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देना है।इसके लिए विभिन्न विभागों और संस्थानों को रक्तदान के लक्ष्य दिए गए हैं। उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को अपने-अपने विभाग एवं संस्थान में लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित करने और निर्धारित लक्ष्य पूरा करने का निर्देश दिया।
दुर्घटना से लेकर थैलेसीमिया तक,कई मरीजों को होती है रक्त की जरूरत—
जिले में सड़क दुर्घटनाओं के दौरान घायल मरीजों के अलावा थैलेसीमिया, एनीमिया और अन्य गंभीर परिस्थितियों से जूझ रहे मरीजों को भी रक्त की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे समय में रक्त की उपलब्धता मरीज के उपचार को प्रभावित करने वाला महत्वपूर्ण पक्ष बन जाती है।प्रशासन का मानना है कि नियमित स्वैच्छिक रक्तदान से रक्त की उपलब्धता बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
चैंबर से सामाजिक संगठनों तक,सबको जोड़ने की कोशिश—
उपायुक्त ने चैंबर ऑफ कॉमर्स, स्वयंसेवी संस्थाओं, सामाजिक संगठनों, विभिन्न संगठनों और आम नागरिकों से अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की है।प्रशासन की कोशिश है कि रक्तदान को केवल सरकारी कार्यक्रम न बनाकर इसे सामाजिक भागीदारी का अभियान बनाया जाए। अधिक से अधिक लोग स्वेच्छा से आगे आएं और रक्तदान करें, इसके लिए विभागीय स्तर पर जागरूकता और संपर्क अभियान चलाने पर जोर दिया गया है।
रक्तदाताओं को मिलेगा प्रमाण-पत्र, उत्कृष्ट योगदान का सम्मान—-
अभियान में बेहतर योगदान करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को प्रोत्साहित करने की भी व्यवस्था की गई है। रक्तदाताओं को प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे। वहीं उत्कृष्ट योगदान देने वाले रक्तदाताओं और संस्थाओं को सम्मानित किया जाएगा।इससे नियमित रक्तदाताओं को प्रोत्साहन मिलने के साथ अन्य लोगों को भी स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया जाएगा।
तीन तारीखें,लेकिन संदेश पूरे जिले के लिए—
18, 24 और 28 सितंबर को होने वाले शिविर तीन निर्धारित तारीखें जरूर हैं, लेकिन इनके पीछे संदेश व्यापक है—जरूरतमंद मरीज के लिए रक्त की व्यवस्था समय पर हो। एक स्वस्थ व्यक्ति द्वारा किया गया स्वैच्छिक रक्तदान किसी ऐसे मरीज के उपचार में काम आ सकता है, जिसके लिए रक्त की आवश्यकता तत्काल हो।उपायुक्त ने जिलेवासियों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील करते हुए रक्तदान को मानवता की सेवा का पुनीत कार्य बताया।अब नजर इस बात पर होगी कि प्रशासन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने में विभाग,संस्थाएं और सामाजिक संगठन कितनी सक्रिय भूमिका निभाते हैं। यदि बड़ी संख्या में लोग स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आते हैं, तो यह अभियान पाकुड़ में जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
