पेशेवर अपराधी मुन्ना मोबाइल की गिरफ्तारी से ताजा हो गई बीजेपी में शामिल किए जाने का वाकया

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अबुल काशिम@समाचार चक्र

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पाकुड़। पाकुड़ पुलिस ने रेलवे क्वार्टर में असिस्टेंट इंजीनियर के रूम से चोरी मामले में पेशेवर अपराधी मुन्ना मोबाइल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि भी मानी जा रही है। मुन्ना मोबाइल की गिरफ्तारी ने एक ओर जहां पुलिस के साथ-साथ आम जनता को राहत दिलाई है, वही उसकी गिरफ्तारी ने उसे बीजेपी में शामिल किए जाने की दो साल पुरानी वाकया को भी ताजा कर दिया है। शहर में लगातार चोरी की घटनाओं से परेशान और दहशत में जी रहे आम जनता को जैसे ही मुन्ना मोबाइल के गिरफ्तारी की खबर मिली, तो उसके पेशेवर अपराधिक कृत्यों की चर्चाओं के साथ-साथ बीजेपी में शामिल होने की उन तस्वीरों को भी याद करने लगे। शहर के चाय नाश्ते की दुकानों में भी दो साल पुरानी वाकया की चर्चा होने लगी। दरअसल साल 2023 में अक्टूबर के महीने में बीजेपी के एक प्रशिक्षण शिविर के समापन के दौरान कुछ नए लोगों को पार्टी में शामिल किया गया था। इनमें मुन्ना मोबाइल का नाम खास तौर पर शामिल था। पार्टी में शामिल किए जाने की सूचना और तस्वीरें जैसे ही वायरल होने लगी, तो राजनीतिक गलियारों में हंगामा मच गया। इंटरनेट पर काफी ज्यादा हंगामा शुरू हो गया। अखबारों खबरें प्रकाशित की गई। विपक्ष के लोगों ने तो जमकर चुटकी ली और बीजेपी पर तंज करने लगा। इसके पीछे वजह यह था कि मुन्ना मोबाइल एक पेशेवर अपराधी था। साल 2002 से उसका आपराधिक इतिहास रहा। जिस दिन पार्टी में शामिल किया जा रहा था, उससे महज दो महीने पहले ही जेल से छुट कर आया था। हालांकि माहौल को देखते हुए आनन-फानन में उसे पार्टी से निकाल भी दिया गया। लेकिन लंबे समय तक यह वाकया चर्चा का विषय बना रहा।

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कौन है मुन्ना मोबाइल

शहर के अजमेरी टोला के रहने वाले मुन्ना मोबाइल का असली नाम मो. सलीम बताया जा रहा है। साल 2002 से पांच बार नगर थाना में आर्म्स एक्ट और चोरी सहित अन्य मामलों में कांड दर्ज हो चुका था। इधर रेलवे क्वार्टर में अभियंता के रूम में चोरी की घटना में संलिप्तता सामने आई। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर छठी बार जेल भेजने का काम किया। मो. सलीम अंसारी उर्फ मुन्ना से मुन्ना मोबाइल नाम तब पड़ा, जब राह चलते लोगों के मोबाइल छीन लिए जाने और मोबाइल चोरी की घटनाओं में नाम सामने आने लगा। तकरीबन दो दशक से मुन्ना मोबाइल अपराध की दुनिया में शामिल है। बीजेपी में शामिल किए जाने के दो महीने पहले जब जेल से छुट कर आया, तो नगर थाना में हर दिन उसे हाजिरी लगाने का कड़ा निर्देश दिया गया। नगर थाना में अपराधियों के सूचना पट्ट में आज भी मुन्ना मोबाइल की तस्वीर चिपकी हुई है।

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