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ललन झा@समाचार चक्र
अमड़ापाड़ा। पचुवाड़ा कोल ट्रांसपोर्ट एसोसिएसन ने फिर एक वार 18 अप्रैल-शनिवार से अनिश्चितकालीन चक्का जाम का अल्टीमैटम दोनों कोल कंपनी सहित प्रशासन को दिया है। ट्रांसपोर्टरों ने शुक्रवार को स्थानीय आरके पैलेस में इस मामले बैठक किया। तमाम आवश्यक बिंदुओं पर विमर्श और मंथन के बाद शनिवार से कोयला परिवहन में लगे सभी डंपरों को रोक देने की रणनीति तैयार किया है। बैठक में यह ऐलान किया गया है कि यह चक्काजाम स्वैक्षिक है। बीजीआर और डीबीएल जब तक हमारी वाजिब मांगों पर संवेदनशील नहीं होंगीं कोयला ढुलाई ठप रहेगी। हालांकि कोयला परिवहन ठप किए जाने की लिखित सूचना डीबीएल, बीजीआर,पीएसपीसीएल, डब्लूबीपीडीसीएल प्रबंधन सहित एसपी और एसडीओ को दी गई है। बैठक में मुख्यतः संतोष रजक, मनोज भगत, सुमन भगत, संजू प्रवीण, विकास कुमार, विनोद भगत, वृजमोहन साह, मो राजा, गोकुल साह, पवन भगत, गिरधारी साह, मो सिटूल, संतोष गुप्ता, रवि भगत, शुकदेव मंडल, अमित भगत आदि मुख्यतः मौजूद थे।
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क्या हैं मुख्य मांगें
बैठक में यह चर्चा हुई कि बीजीआर और डीबीएल की नीति ट्रांसपोर्टरों के हित में नहीं है। परिवहनकर्ता शोषित हो रहे हैं। वो आर्थिक दिवालियापन के शिकार हैं। कंपनियां माल भाड़े में वृद्धि नहीं कर रही हैं। कोयला खादान से पाकुड़ रेलवे साइडिंग तक सड़क की हालत बेहद जर्जर है। सड़क पर कोयला चोरी और रंगदारी बढ़ चुकी है। डीबीएल का रोड मैनेजमेंट सही नहीं है। यह सड़क पर ट्रांसपोर्टरों और डंपर ऑनरों की समस्या के प्रति गंभीर नहीं है। मैनेजमेंट टीम में बदलाव की मांग की गई है। ट्रांसपोर्टरों ने डीबीएल पर एक्सिडेंटल नियमावली में भी मनमानी करने का आरोप लगाते हुए इसमें भी बदलाव की मांग किया है।


