ललन झा@समाचार चक्र
अमड़ापाड़ा। सूपरफूड सहजन या सुजना यानि मोरिंगा या मुनगा सब्जी की सैर अमड़ापाड़ा से असम गोहाटी तक होती है। प्रखंड क्षेत्र में सहजन की बहुतायत है। इस क्षेत्र में इसके पेड़ घर-घर मिल जाते हैं। संभवतः यहां की पथरीली मिट्टी सहजन के लिए विशेष अनुकूल हैं। इसके पेड़ कम पानी में भी तेजी से बढ़ते हैं। यह सूखे से प्रभावित नहीं होता। यह स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद होता है और पोषक तत्वों से भरपूर होता है।
अमड़ापाड़ा से गोहाटी तक का सफर तय करता है मोरिंगा
मौजूदा मौसम में सहजन के फल जिसे क्षेत्रीय या आम बोलचाल की भाषा में सोटी भी कहते हैं, की प्रचूर उपलब्धता इलाके में है। खासकर स्थानीय साप्ताहिक हाट शनिवार को प्रखंड क्षेत्र के आदिवासी समुदाय इस बेहद गुणकारी और स्वादिष्ट फल को हाट में न्यूनतम कीमत पर बेचते हैं। लोग इसे बड़े चाव से लजीज सब्जी के रूप में खाते हैं। इस दिन इस मौसम में इसकी यहां प्रचूर आमदनी होती है। उल्लेखनीय है कि इस सूपरफूड को खासकर बंगाल के व्यापारी सस्ती कीमत पर खरीदकर सैकड़ों बोरियों में पैक कर मालदह ले जाते हैं। वहां से इसे गोहाटी भी भेज दिया जाता है। वहां के लोग पोषण से भरपूर इस सब्जी को ऊंची कीमतों पर खरीदते और खाते हैं। शनिवार को यहां से करीब 25 से 50 क्विंटल से अधिक सहजन की थोक खरीददारी व्यापारियों ने सस्ती कीमत पर किया। बताया कि यह असम के गोहाटी तक भेजा जाता है।
सहजन के अनगिनत फायदे
यूं तो इसके पत्ते व फूल सभी स्वास्थ्य के लिए बेहद उपयोगी होते हैं। जैसी जानकारी है कि सहजन के सेवन से इम्यूनिटी बढ़ती है। यह पेट की समस्याओं से भी राहत देता है। लीवर औऱ किडनी को डीटॉक्सिफाइड करती है। कैलसियम से भरपूर होने के कारण हड्डी मजबूत बनाता है। ब्लड प्रेशर को कम करता है। आंखों को स्वस्थ रखता है। चेहरों की झुर्रियों को कम करता है। इस प्रकार इसके अन्य और कई फायदे हैं।

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