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Maqsood Alam
(News Head)

राम मंदिर चंदा प्रकरण पर कांग्रेस का बड़ा हमला,बोली जांच के नाम पर असली गुनहगारों को बचाया जा रहा

समाचार चक्र संवाददाता

पाकुड़। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे को लेकर कांग्रेस ने एक बार फिर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। मंगलवार को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेतृत्व में जिला कांग्रेस कार्यालय,पाकुड़ में आयोजित प्रेसवार्ता में प्रदेश महासचिव श्यामल किशोर सिंह ने राम मंदिर चंदा प्रकरण की जांच को लेकर केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि रामभक्तों की आस्था से जुड़े चंदे में कथित अनियमितताओं के मामले को दबाने और वास्तविक दोषियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।प्रेसवार्ता में श्यामल किशोर सिंह ने कहा कि देशभर के लोगों ने भगवान श्रीराम के मंदिर निर्माण के लिए अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार खुले दिल से चंदा दिया था।यह केवल धनराशि नहीं, बल्कि करोड़ों रामभक्तों की आस्था और विश्वास से जुड़ा विषय था। ऐसे में यदि इस धन के उपयोग में किसी प्रकार की गड़बड़ी या वित्तीय अनियमितता हुई है तो उसकी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होना जरूरी है।

रामभक्तों के चंदे का हिसाब देश के सामने रखा जाए

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि राम मंदिर निर्माण से जुड़े चंदे में कथित चोरी और अनियमितताओं के मामले में कुछ कर्मचारियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया,लेकिन जिन लोगों पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, उन पर अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।उन्होंने सवाल उठाया कि यदि वास्तव में चंदे में गड़बड़ी हुई है तो इसकी पूरी श्रृंखला सामने क्यों नहीं लाई जा रही? किसके निर्देश पर धन का लेन-देन हुआ? किसे इसका लाभ मिला? जांच में कौन-कौन दोषी पाए गए? इन सवालों का जवाब देश की जनता को मिलना चाहिए।

एसआईटी जांच पर भी उठाए सवाल

श्यामल किशोर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल यानी एसआईटी का गठन किया गया था। लेकिन अब तक जांच के परिणाम और दोषियों के खिलाफ हुई कार्रवाई को लेकर स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक नहीं किए जाने से संदेह पैदा होता है।उन्होंने आरोप लगाया कि जांच के नाम पर मामले को लंबा खींचा जा रहा है और प्रभावशाली लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। कांग्रेस नेता ने कहा कि यदि सरकार को जांच में किसी प्रकार की अनियमितता नहीं मिली है तो उसे रिपोर्ट सार्वजनिक करनी चाहिए और यदि गड़बड़ी सामने आई है तो दोषियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही, इसका जवाब भी देना चाहिए।

सीबीआई और फॉरेंसिक जांच की मांग

कांग्रेस ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई जांच और फॉरेंसिक जांच की मांग की है। श्यामल किशोर सिंह ने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए देश के करोड़ों लोगों ने अपनी श्रद्धा से धन दिया है। इसलिए चंदे की एक-एक राशि के उपयोग में पारदर्शिता जरूरी है।उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी पहले भी इस मामले में स्वतंत्र जांच की मांग कर चुकी है, लेकिन अब तक मांग पूरी नहीं हुई है। कांग्रेस का कहना है कि यदि सरकार को किसी बात का डर नहीं है तो स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने में उसे आपत्ति नहीं होनी चाहिए।

कुछ कर्मचारी जेल गए,मुख्य जिम्मेदार कौन

प्रेसवार्ता में कांग्रेस प्रदेश महासचिव ने सबसे बड़ा सवाल यही उठाया कि यदि मामले में चोरी या वित्तीय अनियमितता हुई तो केवल निचले स्तर के कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराकर जांच पूरी कैसे मानी जा सकती है?उन्होंने कहा कि कुछ कर्मचारियों को जेल भेज दिया गया, लेकिन असली गुनहगार कौन हैं, यह देश को अब तक क्यों नहीं बताया गया? कांग्रेस ने मांग की कि मामले की पूरी जांच कर धन के स्रोत,लेन-देन और जिम्मेदार लोगों की भूमिका सार्वजनिक की जाए।

भगवान के नाम पर राजनीति और चंदे का खेल बंद हो–

श्यामल किशोर सिंह ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि भगवान श्रीराम करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं। उनके नाम पर किसी भी प्रकार की राजनीतिक सौदेबाजी या आर्थिक अनियमितता स्वीकार नहीं की जा सकती।उन्होंने कहा कि भाजपा खुद को राम और हिंदुत्व की राजनीति का सबसे बड़ा समर्थक बताती है। ऐसे में राम मंदिर निर्माण के लिए देशभर से जुटाए गए चंदे से जुड़े सवालों का जवाब देना भी भाजपा की जिम्मेदारी है।उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “जब भगवान के मंदिर के लिए दिए गए धन की कथित चोरी को रोकने में भाजपाई असफल रहे, तो आम जनता के धन और देश के संसाधनों की सुरक्षा को लेकर उन पर कैसे भरोसा किया जाए?

कांग्रेस ने कहा—आस्था के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं

कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि उसका विरोध भगवान श्रीराम या राम मंदिर से नहीं, बल्कि मंदिर निर्माण के नाम पर जुटाए गए धन में कथित अनियमितताओं और उसकी जांच में पारदर्शिता की कमी से है। पार्टी ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का विषय है और इसी कारण उससे जुड़े आर्थिक मामलों में किसी भी प्रकार की शंका की गुंजाइश नहीं रहनी चाहिए।प्रेसवार्ता के अंत में श्यामल किशोर सिंह ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाएगी और जरूरत पड़ने पर आंदोलन का रास्ता भी अपनाया जाएगा। पार्टी की मांग है कि चंदे के पूरे हिसाब को सार्वजनिक किया जाए, स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए और यदि कोई दोषी है तो उसकी राजनीतिक पहचान या पद देखे बिना कार्रवाई की जाए।राम मंदिर के नाम पर जुटाए गए चंदे से जुड़ा यह विवाद अब केवल आर्थिक अनियमितता का आरोप नहीं रह गया है। कांग्रेस इसे आस्था, पारदर्शिता और जवाबदेही से जोड़कर राजनीतिक मुद्दा बना रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी टकराव और तेज होने के आसार हैं।मौके पर जिला अध्यक्ष श्री कुमार सरकार,प्रखंड अध्यक्ष मनसारुल हक, शाहीन प्रवेज,गुलाम अहमद, प्रमोद डोकानिया, मुख़्तार हुसैन आदि मौजूद थे.

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