समाचार चक्र संवाददाता
पाकुड़। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने पाकुड़ में आंदोलन की घोषणा की है। प्रदेश कांग्रेस महासचिव डॉ. तनवीर आलम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि कांग्रेस इन मुद्दों को लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से उठाएगी। पार्टी की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार 28 सितंबर को जिला मुख्यालय से कलेक्ट्रेट तक विरोध मार्च निकाला जाएगा।कांग्रेस की ओर से जारी दस्तावेज के अनुसार यह कार्यक्रम अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के 24 सितंबर के निर्देश के तहत आयोजित किया जा रहा है। पार्टी ने निर्वाचन आयोग की निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता और संस्थागत जवाबदेही,एसआईआर की विश्वसनीयता,आयोग की आईटी प्रणाली एवं डेटा प्रबंधन,मतदाता सूची में हुए बदलावों की समीक्षा तथा मुख्य निर्वाचन आयुक्त से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।
निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता जरूरी—
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कांग्रेस का आरोप है कि निर्वाचन आयोग की निर्णय प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। पार्टी ने दावा किया है कि पिछले दस महीनों के दौरान दो निर्वाचन आयुक्तों की ओर से मुख्य निर्वाचन आयुक्त से संबंधित निर्णयों पर कई बार औपचारिक आपत्तियां दर्ज की गईं।इन दावों पर हाल में मीडिया रिपोर्ट भी सामने आई हैं।
एसआईआर और मतदाता सूची पर भी सवाल—
कांग्रेस ने कहा कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था का आधार है। इसलिए नाम जोड़ने, हटाने अथवा संशोधन की प्रक्रिया पारदर्शी, निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप और पर्याप्त सार्वजनिक जांच के साथ होनी चाहिए। पार्टी ने वर्तमान और पूर्ववर्ती प्रक्रियाओं के दौरान मतदाता सूची में हुए बदलावों की व्यापक एवं स्वतंत्र समीक्षा की मांग की है।झारखंड में भी कांग्रेस ने एसआईआर को लेकर पहले निर्वाचन अधिकारियों के समक्ष आपत्तियां दर्ज कराई हैं। 22 सितंबर को पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के समक्ष कथित अनियमितताओं को लेकर ज्ञापन सौंपा था।
आईटी सिस्टम और डेटा प्रबंधन का ऑडिट कराने की मांग—
डॉक्टर तनवीर आलम ने निर्वाचन आयोग की आईटी प्रणाली,डेटा प्रबंधन और केंद्रीकरण से जुड़ी प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच अथवा ऑडिट कराने की मांग भी रखी है। पार्टी का कहना है कि डिजिटल प्रणाली और निर्णय प्रक्रिया की व्यापक समीक्षा होनी चाहिए, ताकि मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता को लेकर किसी प्रकार का संदेह न रहे।
कांग्रेस की छह प्रमुख मांगें—
प्रेस कॉन्फ्रेंस में जारी दस्तावेज के अनुसार कांग्रेस ने मुख्य रूप से—
:– मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच।
:–उनके कार्यकाल में लिए गए निर्णयों की व्यापक समीक्षा।
:–एसआईआर के तहत मतदाता सूची में किए गए जोड़, विलोपन एवं संशोधनों की स्वतंत्र समीक्षा।
:–निर्वाचन आयोग की आईटी प्रणाली, डेटा प्रबंधन एवं केंद्रीकरण की स्वतंत्र जांच/ऑडिट।
:–मतदाता सूची से जुड़ी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और नागरिकों को प्रभावी आपत्ति एवं सुनवाई का अवसर।
:– चुनावी प्रक्रिया से जुड़े निर्णयों में संस्थागत जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग।
डॉक्टर तनवीर आलम ने कहा है कि इन मुद्दों को केवल किसी एक राजनीतिक दल का संगठनात्मक मामला नहीं, बल्कि मतदाता सूची की विश्वसनीयता और नागरिकों के मताधिकार से जुड़े सार्वजनिक संस्थागत मुद्दे के रूप में देखा जाना चाहिए।पाकुड़ में 28 सितंबर का प्रस्तावित विरोध मार्च इसी अभियान की जिला स्तरीय कड़ी होगा। कांग्रेस ने प्रदेश से लेकर जिला, प्रखंड और बूथ स्तर के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से इसमें भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा है।मौके पर प्रखंड अध्यक्ष मनसारुल हक, विधायक प्रतिनिधि गुलाम अहमद, युवा जिला अध्यक्ष बेलाल शेख,जिला प्रवक्ता मुख़्तार हुसैन, मीडिया चेयरमैन प्यारुल इस्लाम आदि मौजूद थे.
