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Maqsood Alam
(News Head)

लिट्टीपाड़ा के शिवम ने रचा सफलता का इतिहास

पहली कोशिश में नीट-पीज़ी क्रैक,ऑल इंडिया 248वीं रैंक हासिल कर झारखंड में टॉप

समाचार चक्र संवाददाता

लिट्टीपाड़ा-मेहनत,लगन और लक्ष्य के प्रति समर्पण हो तो छोटे शहर और गांव से निकलकर भी बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है। इसे साबित किया है लिट्टीपाड़ा के शिवम कुमार ने।शिवम ने नीट-पीज़ी में ऑल इंडिया 248वीं रैंक हासिल कर झारखंड में टॉप किया है। खास बात यह है कि उन्होंने यह सफलता पहले ही प्रयास में हासिल की।
शिवम की इस उपलब्धि से लिट्टीपाड़ा समेत पाकुड़ और गोड्डा जिले में खुशी का माहौल है। बचपन से पढ़ाई में तेज और तीक्ष्ण बुद्धि के शिवम ने अपनी मेहनत के दम पर डॉक्टर बनने का सपना पूरा किया और अब विशेषज्ञ चिकित्सक बनने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है।

सरस्वती शिशु मंदिर से शुरू हुआ सफर-—-

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शिवम ने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई सरस्वती शिशु मंदिर,लिट्टीपाड़ा से शुरू की।कक्षा तीसरी से उन्होंने सेंट पॉल, भागलपुर में पढ़ाई की। मैट्रिक की परीक्षा में उन्होंने 90 प्रतिशत अंक हासिल किए,जबकि 12वीं में 87 प्रतिशत अंक प्राप्त किए।पढ़ाई के प्रति उनकी निरंतरता का परिणाम रहा कि उन्होंने नीट-युज़ी भी पहले प्रयास में ही सफलतापूर्वक उत्तीर्ण किया। इसके बाद शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज, हजारीबाग में दाखिला लेकर वर्ष 2025 में एमबीबीएस की डिग्री हासिल की।

एमबीबीएस के बाद भी नहीं रुकी तैयारी

एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद शिवम ने नीट-पीज़ी की तैयारी शुरू की। सीमित संसाधनों और व्यस्त मेडिकल शिक्षा के बीच लक्ष्य पर लगातार ध्यान केंद्रित रखा। आखिरकार पहली ही कोशिश में ऑल इंडिया 248वीं रैंक हासिल कर उन्होंने अपनी प्रतिभा और मेहनत का परिचय दिया।शिवम अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरुजनों को देते हैं। उनका कहना है कि परिवार के सहयोग और शिक्षकों के मार्गदर्शन ने उन्हें हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

अब विशेषज्ञ डॉक्टर बनने का लक्ष्य—

नीट-पीज़ी में शानदार सफलता के बाद शिवम का अगला लक्ष्य विशेषज्ञ चिकित्सक बनना है। उन्होंने आगे एमडी मेडिसिन और रेडियोलॉजी के क्षेत्र में जाने की इच्छा जताई है। उनका कहना है कि पढ़ाई के सफर को यहीं रोकना नहीं है, बल्कि चिकित्सा के क्षेत्र में आगे बढ़कर समाज की सेवा करना है।

शिक्षक पिता और एलआईसी अभिकर्ता मां ने दिया हौसला—

शिवम के पिता संजय प्रसाद चौधरी शिक्षक हैं,जबकि उनकी माता मीना देवी भारतीय जीवन बीमा निगम की अभिकर्ता हैं। परिवार ने बेटे की पढ़ाई और उसके सपनों को हमेशा प्राथमिकता दी। यही पारिवारिक सहयोग शिवम की सफलता की मजबूत नींव बना।

गोड्डा की मिट्टी से निकलकर झारखंड में बनाया नाम—

शिवम मूल रूप से गोड्डा जिले के ठाकुरगंगटी प्रखंड के कजरेल गांव के रहने वाले हैं। लिट्टीपाड़ा में रहकर पढ़ाई शुरू करने वाले शिवम ने अपनी प्रतिभा के दम पर अब पूरे झारखंड में पहचान बनाई है। नीट-पीज़ी में झारखंड टॉपर बनकर उन्होंने क्षेत्र के उन विद्यार्थियों के लिए भी मिसाल कायम की है, जो बड़े सपने देखते हैं लेकिन संसाधनों को लेकर आशंकित रहते हैं।शिवम की कहानी यही संदेश देती है-मंजिल कितनी भी बड़ी हो,अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत लगातार जारी रहे तो सफलता का रास्ता जरूर निकलता है।

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