समाचार चक्र संवाददाता
पाकुड़। हजारीबाग में 12 साल की नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या कर दिए जानें के विरोध में सोमवार को भाजपा ने समाहरणालय के समक्ष एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। धरना प्रदर्शन का नेतृत्व जिलाध्यक्ष सरीता मुर्मू ने की। भाजपा कार्यकर्ता धरना प्रदर्शन के दौरान अपराधियों को फांसी की सजा दिलाने की मांग कर रहे थे। जिलाध्यक्ष सरीता मुर्मू ने कहा कि राज्य में लगातार लड़कियों की हत्या, दुष्कर्म, चलती कार में अपहरण के बाद दुष्कर्म जैसी घटनाएं घट रही है। झारखंड की हेमंत सोरेन की सरकार महिलाओं की रक्षा करने में विफल साबित हो रही है। प्रति वर्ष छह हजार मामला बलात्कार, दुष्कर्म, हत्याओं के आ रहे है। अब राज्य की महिलाओं को घर से निकलने से पहले हजारों बार सोचना पड़ता है। अकेली कहीं भी जाने से डरती है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि हजारीबाग जिला अंतर्गत एक गांव की पीड़ित मृत बेटी के परिवार को न्याय दिलाने के लिए भाजपा का आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने मांग किया कि अपराधियों को फांसी की सजा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि 24 मार्च को जब पूरा प्रदेश रामनवमी, नवरात्रि मना रहे थे, इसी बीच एक गरीब मजदूर परिवार की 12 वर्षीय बेटी जो मंगलवारी जुलूस देखने गई थी, अपराधियों ने उसका अपहरण किया। उसके साथ दुष्कर्म कर साक्ष्य छुपाने के लिए उसकी हत्या कर दी। बताया कि घटना के 6 दिन बीत जाने के बावजूद अपराधी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। अपराधी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। ऐसा लगता है कि झारखंड में बेटी के रूप में जन्म लेना एक अभिशाप हो गया है। धरना प्रदर्शन के बाद सभी महिला कार्यकर्ताओं ने उपायुक्त मनीष कुमार को एक ज्ञापन सौंपा। मौके पर मधु देवी, प्राची चौधरी, मीरा देवी, रसमी भगत, मधु यादव, निधि गुप्ता महिला मोर्चा नगर महामंत्री, पुष्पा देवी के अलाने अन्य मौजूद थे।


