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ललन झा@समाचार चक्र
अमड़ापाड़ा। वन प्रमंडल पदाधिकारी के निर्देश पर गठित जिला स्तरीय छापेमारी दल ने गत शनिवार की रात सिंगडेहरी-आमझारी गांव के निकट सड़क पर अवैध लकड़ी लोड एक ट्रैक्टर पकड़ लिया। वन विभाग की टीम ने गुप्त सूचना पर यह सुनियोजित कार्रवाई की। जानकारी मिली कि विभागीय टीम ज्योंही उल्लिखित स्थल पर पहुंची शाल के बोटों से लोड ट्रैक्टर चालक अपने निर्दिष्ट गंतव्य तक पहुंचने की फिराक में था। टीम को देखते ही वह ट्रैक्टर छोड़ फरार हो गया। जानकारी मिली है कि इन जब्त लकड़ियों को स्थानीय विभागीय कार्यालय ले आया गया है और इस धंधे में शामिल तश्करों को चिन्हित कर उनपर उचित कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।
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निरंतर जारी है जंगल की कटाई और लकड़ियों की अवैध तस्करी
अमड़ापाड़ा वन प्रक्षेत्र के आलूबेड़ा अंतर्गत सिंगडेहरी-जनुम टोला, पहाड़िया टोला,आमझारी, तालझारी आदि गांवों के जंगलों से शाल, जामुन आदि पेड़ों की कटाई और तश्करी निरंतर जारी है। यह खेल पिछले एक-डेढ़ माह से लगातार जारी है। पेड़ों को काटकर मोटे-मोटे बोटों को खांडोकांटा -बारगो होते हुए निकट के गोड्डा जिले के विभिन्न स्थानों पर ले जाया जाता है। एक ओर जहां लकड़ी तश्करी के इस अवैध कारोबार से विभाग को लाखों के राजस्व की क्षति हो रही है वहीं स्थानीय प्रशासन की कोई गतिविधि नहीं दिख रही है। प्रशासन खामोश है। क्षेत्र में लकड़ी की तश्करी और पेड़ों की कटाई जारी है अगर इसकी सूचना स्थानीय प्रशासनिक पदाधिकारियों को नहीं है तो यह अपने-आप में एक अहम सवाल है। उल्लेखनीय यह भी है कि यदि ये पेड़ या लकड़ियां रैयती हैं तो क्या इन लकड़ियों को बाहर ले जाने का ट्रांजिट परमिट या टीपी है ? अगर नहीं तो बेशक लकड़ियों का अवैध परिवहन हो रहा है।

