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राधेश्याम रविदास@समाचार चक्र
हिरणपुर-शैक्षणिक सत्र 2026–27 में नामांकन को लेकर अनुसूचित जनजाति आवासीय बालक उच्च विद्यालय हिरणपुर में उत्पन्न विवाद के संदर्भ में अभिभावकों, बुद्धिजीवियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के बीच शांतिपूर्ण माहौल में बैठक कर विचार-विमर्श किया गया.बैठक में बताया गया कि पत्रांक 4141, झारखंड कल्याण 2019 के अनुसार संथाल परगना प्रमंडल के छह आवासीय विद्यालय विशेष रूप से आदिम जनजाति पहाड़िया समुदाय के बच्चों के लिए वर्ष 1954 में स्थापित किए गए थे,जहां केवल पहाड़िया बच्चों का ही नामांकन होना है। इसके बावजूद जिला कल्याण कार्यालय पाकुड़ द्वारा जारी मेधा सूची में गैर-पहाड़िया बच्चों के नाम शामिल किए जाने पर उपस्थित लोगों ने कड़ी आपत्ति जताई और इसे आदेश का उल्लंघन बताया.निर्णय लिया गया कि उपायुक्त पाकुड़ के माध्यम से उप निदेशक, कल्याण कार्यालय दुमका को पत्र भेजकर सूची में संशोधन कर केवल पहाड़िया छात्रों की नई सूची जारी कर नामांकन सुनिश्चित कराया जाए. बैठक में यह भी तय हुआ कि गैर-पहाड़िया छात्रों का नामांकन नहीं किया जाएगा और यदि सीटें खाली रहती हैं तो उन्हें अगले सत्र के लिए सुरक्षित रखा जाएगा.साथ ही विद्यालय में शिक्षकों की कमी,बिजली-पानी, शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की समस्या पर भी चर्चा हुई और शीघ्र समाधान की मांग की गई. बैठक की अध्यक्षता रामकुमार पहाड़िया (पूर्व सैनिक) ने की. इस दौरान प्रधानाचार्य संदीप कुमार झा,शिवचरण मालतो, बैजनाथ पहाड़िया, मोतीलाल पहाड़िया, कामदेव पहाड़िया सहित कई जनप्रतिनिधि व सैकड़ों अभिभावक उपस्थित रहे।
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