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समाचार चक्र संवाददाता
पाकुड़-पालन पोषण देखरेख (फोस्टर केयर) योजना के माध्यम से अब जरूरतमंद एवं असहाय बच्चों और युवाओं को बेहतर भविष्य देने की पहल तेज हो गई है।इस योजना का उद्देश्य ऐसे बच्चों को सुरक्षित पारिवारिक माहौल,शिक्षा, स्वास्थ्य एवं बेहतर जीवन उपलब्ध कराना है,जो किसी कारणवश अपने माता-पिता की देखरेख से वंचित हैं।जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी व्यास ठाकुर ने बताया कि फोस्टर केयर योजना के तहत चयनित बच्चों को पालन-पोषण के लिए योग्य परिवारों के संरक्षण में रखा जाता है,जहां उन्हें परिवार जैसा वातावरण मिलता है।इससे बच्चों के मानसिक,शारीरिक और सामाजिक विकास में काफी मदद मिलती है।योजना के तहत बच्चों की पढ़ाई,खानपान,स्वास्थ्य एवं अन्य जरूरी जरूरतों का भी विशेष ध्यान रखा जाता है। अधिकारियों का कहना है कि इस पहल से कई बच्चों और युवाओं की जिंदगी नई दिशा पा रही है तथा वे आत्मनिर्भर बनने की ओर आगे बढ़ रहे हैं।उन्होंने अपील किया हैं की पालक माता पिता बनकर बाल संरक्षण में हाथ बढ़ाएं.सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी इस योजना को समाज के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे बेसहारा बच्चों को नया जीवन और बेहतर भविष्य मिल रहा है। वहीं आम लोगों से भी अपील की गई है कि जरूरतमंद बच्चों की सहायता एवं संरक्षण के लिए आगे आएं और सरकार की इस योजना का लाभ पात्र बच्चों तक पहुंचाने में सहयोग करें
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किन्हें मिलेगा लाभ—
18 वर्ष से कम उम्र के बच्चे, ऐसे बच्चे,जिनके माता-पिता देख रेख करने में असमर्थ हैं अथवा कारा गृह में है,ऐसे बच्चे,जिनके माता पिता दिव्यांगता या किसी गंभीर बिमारी से पीड़ित हैं.

