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अबुल काशिम@समाचार चक्र
पाकुड़। पूर्व मंत्री आलमगीर आलम रविवार को क्षेत्र भ्रमण के दौरान चांचकी गांव में एक सभा में अलग ही अंदाज में दिखे। अपने विरोधियों पर जमकर बरसें और बिना किसी का नाम लिए दादागिरी की राजनीति करने वालों को चेतावनी दे डाली। तेवर भरे भाषणों में उनके वे विरोधी निशाने पर थे, जो कभी करीबी हुआ करते थे। उन्होंने कहा कि कभी तुम ही आलमगीर आलम का गुणगान करते फिरते थे और जब मैं जेल चला गया तो बुरा हो गया। तुम कहते हो आलमगीर आलम के पैर के नीचे से मिट्टी खिसक लिए। तुम कौन होते हो, मिट्टी खिसकाने वाला। उपर वाले जिसे इज्जत देता है, उसका इज्जत छीनने वाला कोई नहीं होता। आलमगीर आलम ने कड़े तेवर में कहा कि दादागिरी की राजनीति करने वालों सुन लो, मैंने कभी हाथ तोड़ देंगे, पैर तोड़ देंगे की राजनीति नहीं की। मैंने हमेशा से गरीब, मजदूर और किसानों की हित की राजनीति की है। दादागिरी की राजनीति करने वाले सावधान हो जाएं। आलमगीर आलम ने कहा कि तुम ही कभी पास बैठने के लिए दलाली करता था, तुम ही कहता था कि आलमगीर आलम जैसा एमएलए कोई नहीं है और आज तुम ही कह रहे हो कि हमने किया क्या। तो सुन लो मैं तीन दशक से इस इलाके में राजनीति कर रहा हूं। पहले क्षेत्र की क्या हालत थी, यहां की जनता जानती है। आज ऐसा कोई गांव नहीं है, जहां मैंने सरकारी रोड नहीं दिलाया, ऐसा कोई गांव नहीं है, जहां पानी आपूर्ति की व्यवस्था नहीं की। जनता की हर बुनियादी सुविधाओं का ख्याल रखा।आलमगीर आलम के इस भाषण से जहां हर कोई अचंभित थे, वहीं भाषण के हर लाइन में तालियां गूंज रही थी। इसमें खास बात यह रही कि भाषण के दौरान बारिश शुरू हो गई, इसके बावजूद भीड़ टस से मस नहीं हुई और
ग्रामीण उन्हें सुनते रहे। वहीं इस दौरान आलमगीर आलम ने एसआईआर के मुद्दों पर भी बात की। उन्होंने कार्यकर्ताओं को मतदाताओं की हर समस्याओं के समाधान करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी योग्य मतदाता का नाम नहीं छूटना चाहिए। इसके लिए जिस तरह की भी कागजात की जरूरत है, बनाकर देने में मदद करें। मौके पर जिलाध्यक्ष श्रीकुमार सरकार, प्रखंड अध्यक्ष मंसारुल हक, देबू विश्वास, तस्लीम आरिफ बुलेट, मजिबुर रहमान, बिलाल शेख, नसीम आलम, सेलीम शेख सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद थे।
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