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मकसूद आलम की रिपोर्ट
पाकुड़।आधुनिक रहन-सहन,हाथ में लैपटॉप,फॉर्मल ब्रांडेड कपड़े और लग्जरी मोटरसाइकिल की सवारी। पहली नजर में कोई भी उसे एक सफल युवा समझ सकता था,लेकिन पुलिस जांच में सामने आए आरोपों ने उसकी छवि पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हिरणपुर थाना क्षेत्र के बागशीशा गांव के रहने वाले हेमंत कुमार साहा (28 वर्ष) को फर्जी दस्तावेज तैयार कर लोगों से ठगी करने के आरोप में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।पुलिस के अनुसार, पाकुड़ मुफस्सिल थाना कांड संख्या 79/26, 21 जून 2026 के तहत दर्ज मामले में आरोपी हेमंत कुमार साहा,पिता अशोक साहा,ग्राम बागशीशा थाना हिरणपुर (वर्तमान पता खदानपाड़ा,थाना पाकुड़ नगर) को गिरफ्तार किया गया। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 179, 318(4), 336(3), 338, 340(1), 340(2) एवं 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
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प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर ठगी का आरोप—
जानकारी के अनुसार, आरोपी पर जाति, आवासीय,जन्म प्रमाण पत्र एवं आधार कार्ड बनवाने के नाम पर लोगों से पैसे लेने का आरोप है। चर्चा है कि उसने कई लोगों को कथित तौर पर ऐसे दस्तावेज उपलब्ध कराए,जो बाद में जांच में संदिग्ध अथवा फर्जी पाए गए। इससे प्रभावित लोगों को सरकारी कार्यों और योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
सैकड़ों लोगों से वसूली की चर्चा—
क्षेत्र में यह चर्चा जोरों पर है कि आरोपी ने वर्षों से दस्तावेज बनवाने के नाम पर बड़ी संख्या में लोगों से रकम वसूली की। हालांकि पुलिस ने अब तक आधिकारिक रूप से प्रभावित लोगों की संख्या या ठगी की कुल राशि का खुलासा नहीं किया है, लेकिन स्थानीय स्तर पर लाखों रुपये के लेन-देन की बातें सामने आ रही हैं।
बड़े नेटवर्क की आशंका—
मामले को लेकर यह भी सवाल उठ रहे हैं कि यदि दस्तावेज फर्जी थे तो उन्हें तैयार करने में और कौन-कौन लोग शामिल थे। जानकारों का मानना है कि पुलिस यदि डिजिटल उपकरणों,बैंक खातों, मोबाइल कॉल डिटेल और दस्तावेजों की गहन जांच करे तो एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। स्थानीय लोगों का दावा है कि पूर्व में भी फर्जी प्रमाण पत्रों से जुड़े मामले सामने आ चुके हैं और जांच का दायरा बढ़ने पर गोड्डा से लेकर पश्चिम बंगाल तक फैले किसी संगठित गिरोह के तार जुड़ सकते हैं।
जांच पर टिकी निगाहें—
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। लोगों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि जांच में और कौन-कौन नाम सामने आते हैं तथा कथित फर्जीवाड़े का नेटवर्क कितना बड़ा है।यदि आरोप साबित होते हैं,तो यह मामला केवल एक व्यक्ति की ठगी का नहीं, बल्कि सरकारी दस्तावेजों की विश्वसनीयता पर चोट करने वाले एक संगठित फर्जीवाड़े का भी हो सकता है।इधर इस मामले में मुफसिल थाना प्रभारी गौरव कुमार ने बताया की पूछताछ ने और नाम आ सकते हैं.फर्जीवाड़ा का मामला सामने आया हैं.युवक पर मुकदमा दर्ज करते हुए जेल भेजा गया हैं,बाकी लोगों की तलाश की जा रही हैं.


