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मकसूद आलम
पाकुड़-शहर में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं के पीछे एक सुनियोजित गिरोह सक्रिय है,जो चोरी से पहले कई दिनों तक इलाके की रेकी करता था।पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह का काम केवल ताला तोड़ना नहीं था,बल्कि पहले घरों की गतिविधियों का बारीकी से अध्ययन करना उनकी रणनीति का सबसे अहम हिस्सा था।पुलिस सूत्रों के अनुसार,गिरोह में रेकी करने वाली अलग टीम होती थी। यह टीम कभी कचरा बीनने वाले,कभी फेरीवाले,तो कभी सब्जी बेचने वाले के वेश में मोहल्लों में घूमती थी। सुबह,दोपहर और शाम-दिन में तीन बार अलग-अलग समय पर घरों की निगरानी की जाती थी।यदि किसी घर में बाहर से ताला लगा मिलता या घर सुनसान दिखाई देता,तो रेकी करने वाले घर के सामने आवाज लगाकर यह भी पता लगाने की कोशिश करते थे कि अंदर कोई मौजूद है या नहीं। जब यह सुनिश्चित हो जाता कि घर कई दिनों तक खाली रहेगा, तभी चोरी की पूरी योजना तैयार की जाती थी।इसी सुनियोजित तरीके से 28-29 जून 2026 की रात नगर थाना क्षेत्र के सिंधीपाड़ा में दो बंद घरों को निशाना बनाया गया।चोरों ने ताला तोड़कर सोना-चांदी के आभूषण,लैपटॉप, कांसा के बर्तन,नकदी और अन्य कीमती सामान पर हाथ साफ कर दिया। घटना के बाद नगर थाना में कांड संख्या 159/2026 एवं 160/2026 दर्ज किए गए।मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अनुदीप सिंह के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी कुमार गौरव के नेतृत्व में विशेष जांच दल का गठन किया गया। टीम ने मानवीय और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर लगातार छापेमारी कर महज एक सप्ताह के भीतर पूरे गिरोह का पर्दाफाश कर दिया।पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनकी निशानदेही पर लगभग 97.620 ग्राम चांदी, 7.06 ग्राम सोना, एक लैपटॉप, एक मोटरसाइकिल, कांसा के बर्तन, पुराने नोट और सिक्के, साथ ही चोरी में इस्तेमाल किए गए पेचकस, सब्बल, सलाई रेंच, गमछा और बेडशीट बरामद किए गए हैं।पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने नगर थाना क्षेत्र में पहले हुई अन्य चोरी की घटनाओं में भी अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस अब गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों और चोरी के सामान की खरीद-फरोख्त करने वाले नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
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एसपी अनुदीप सिंह की अस्मलोगों से अपील —-
एसपी अनुदीप सिंह ने कहा कि इस खुलासे के बाद आम लोगों के लिए भी सतर्क रहने की जरूरत है। यदि कोई अनजान व्यक्ति बार-बार आपके घर या मोहल्ले के आसपास संदिग्ध तरीके से घूमता दिखाई दे, घर के बारे में अनावश्यक जानकारी लेने की कोशिश करे या बार-बार आवाज लगाकर गतिविधियां जानने का प्रयास करे, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। कई बार ऐसी सामान्य दिखने वाली गतिविधियां ही बड़ी चोरी की घटनाओं की शुरुआत साबित होती हैं।एसपी ने कहा की अगर आप बाहर जाते है तो इसकी सूचना थाना को जरूर दें ताकि पेट्रोलिंग पार्टी निगरानी कर सके.

