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Maqsood Alam
(News Head)

सत्ता का साया या अधिकार का अतिक्रमण,पाकुड़ नगर परिषद में ‘सुपर चेयरमैन’ पर उठे सवाल!

Gunjan Saha
(Desk Head)

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समाचार चक्र संवाददाता

पाकुड़। पाकुड़ नगर परिषद की अध्यक्ष शबरी पाल के पति की भूमिका को लेकर सोशल मीडिया से लेकर नगर परिषद के वार्ड पार्षदों तक सवाल उठने लगे हैं। फेसबुक पर वायरल हो रही एक पोस्ट में आरोप लगाया गया है कि नगर परिषद अध्यक्ष के पति सरकारी प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल हुए, जबकि प्रशिक्षण केवल अध्यक्षों और उपाध्यक्षों के लिए आयोजित किया गया था। पोस्ट में उनके प्रशिक्षण कक्ष में मौजूद होने की तस्वीर भी साझा की गई है।इसी के साथ यह सवाल भी उठाया जा रहा है कि यदि अध्यक्ष एक संवैधानिक पद पर हैं,तो उनके पति किस वैधानिक अधिकार या सरकारी आदेश के तहत सरकारी बैठकों, शिलान्यास,उद्घाटन एवं अन्य आधिकारिक कार्यक्रमों में भाग लेते हैं।

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वार्ड पार्षदों ने भी खोला मोर्चा—

मामला अब केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं है।नगर परिषद के कई वार्ड पार्षदों ने भी इस पर आपत्ति जताई है।वार्ड पार्षद अनिकेत गोस्वामी और रियाज अंसारी ने मीडिया से कहा कि अध्यक्ष के पति नगर परिषद के कई मामलों में निर्णय लेने की भूमिका निभा रहे हैं।उनका कहना है कि यदि ऐसा हो रहा है, तो यह निर्वाचित प्रतिनिधियों के अधिकारों और प्रशासनिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है।

क्या कहता है कानून—

नगर परिषद की अध्यक्ष एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि होती हैं।सामान्यतः उनके पति या अन्य पारिवारिक सदस्य को केवल रिश्तेदार होने के आधार पर किसी भी सरकारी बैठक,प्रशासनिक निर्णय या आधिकारिक प्रशिक्षण में भाग लेने का अधिकार नहीं होता।यदि किसी विशेष कार्यक्रम में उन्हें विधिवत आमंत्रित किया गया हो या सरकार की ओर से स्पष्ट अनुमति दी गई हो,तो स्थिति अलग हो सकती है।यदि वास्तव में प्रशिक्षण केवल अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के लिए था, तो यह स्पष्ट होना चाहिए कि संबंधित व्यक्ति किस क्षमता में उपस्थित थे।

सोशल मीडिया पर उठ रहे प्रमुख सवाल—

क्या अध्यक्ष के पति को प्रशिक्षण में आधिकारिक अनुमति मिली थी?

यदि हां,तो किस सरकारी आदेश या नियम के तहत?

क्या नगर परिषद की बैठकों एवं सरकारी कार्यक्रमों में उनकी नियमित उपस्थिति अधिकृत है?

क्या प्रशासन इस पर कोई स्पष्टीकरण देगा?

प्रशासनिक पारदर्शिता की मांग–

नगर परिषद से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखना आवश्यक है।यदि लगाए गए आरोप सही नहीं हैं, तो संबंधित विभाग या नगर परिषद को आधिकारिक रूप से स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। वहीं यदि किसी नियम का उल्लंघन हुआ है, तो उसके संबंध में भी स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक होनी चाहिए।

क्या कहती है नगर परिषद अध्यक्षा शबरी पाल —

नगर परिषद अध्यक्षा शबरी पाल ने कहा सवाल खड़ा करना बिल्कुल गलत हैं,मैं महिला हूँ मुझे भी सुरक्षा की जरूरत हैं.मैं खुद निर्णय लेने में सक्षम हूँ.कई महिला वार्ड पार्षद के पति एक साथ घूम रहे हैं,पहले अपने गिरेबान में झाँक ले तभी किसी पर टिका टिप्पणी करे.मेरा पति सिर्फ साथ रहते हैं बाकी किसी भी विभाग की समीक्षा या निर्णय मैं खुद करती हूँ.आरोप लगाना बेबुनियाद हैं.

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