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समाचार चक्र संवाददाता
पाकुड़।जिले में अपराध नियंत्रण को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) कुमार गौरव ने सभी थाना प्रभारियों एवं पुलिस अधिकारियों के साथ मासिक अपराध समीक्षा बैठक कर कानून-व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन से लेकर नशे के अवैध कारोबार और चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए।
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लंबित कांडों को प्राथमिकता–
एसडीपीओ ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया कि पुराने और नए आपराधिक मामलों का अविलंब निष्पादन सुनिश्चित करें।उन्होंने कहा कि अनुसंधान में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए और लंबित मामलों के कारण आम लोगों का न्याय प्रभावित नहीं होना चाहिए।
नशा कारोबारियों पर सख्त कार्रवाई—
बैठक में जिले में बढ़ते नशे के कारोबार पर विशेष चिंता जताई गई। एसडीपीओ ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि ब्राउन शुगर, गांजा, ड्रग्स और अन्य सभी प्रकार के मादक पदार्थों की तस्करी एवं बिक्री में शामिल लोगों के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जाए।उन्होंने स्पष्ट कहा कि नशे के कारोबारियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।
चोरी रोकने के लिए नया प्लान–
लगातार हो रही चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए एसडीपीओ ने खुफिया तंत्र को और मजबूत करने का निर्देश दिया।इसके तहत मोहल्लों में घूम-घूमकर फेरी लगाने वाले,कबाड़ एवं कचरा बीनने वालों का सत्यापन कर उनका पूरा डाटा तैयार करने को कहा गया,ताकि संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखी जा सके।पुलिस का मानना है कि इससे चोरी की घटनाओं की रोकथाम और अपराधियों तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
थाना स्तर पर जवाबदेही तय–
बैठक में प्रत्येक थाना क्षेत्र की अपराध स्थिति,लंबित मामलों,वारंट निष्पादन, गश्ती व्यवस्था एवं कानून-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में नियमित निगरानी बढ़ाने और जनता से बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए।
ये अधिकारी रहे मौजूद—
बैठक में नगर थाना प्रभारी,मुफस्सिल थाना प्रभारी,मालपहाड़ी ओपी प्रभारी,हिरणपुर थाना प्रभारी के अलावा पाकुड़, मुफस्सिल एवं लिट्टीपाड़ा प्रभाग के पुलिस इंस्पेक्टर उपस्थित रहे।
इन बिंदुओं पर रहेगा विशेष फोकस-–
लंबित पुराने एवं नए कांडों का त्वरित निष्पादन।
ब्राउन शुगर, गांजा और अन्य मादक पदार्थों के कारोबार पर सख्त कार्रवाई।
चोरी रोकने के लिए खुफिया नेटवर्क को मजबूत करना।
फेरीवालों एवं कचरा बीनने वालों का सत्यापन एवं डाटा तैयार करना।
थाना स्तर पर जवाबदेही तय कर कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाना।
यह समीक्षा बैठक साफ संकेत देती है कि पाकुड़ पुलिस अब अपराध नियंत्रण,नशा उन्मूलन और लंबित मामलों के निपटारे को लेकर अधिक सक्रिय और परिणामोन्मुख रणनीति के साथ आगे बढ़ रही है।

