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Maqsood Alam
(News Head)

सुदूरवर्ती बेलपहाड़ी में ‘आदिवासी वीरांगना सिंगी दई–कुईली दई पुस्तकालय’ का उद्घाटन, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता का नया केंद्र बनेगा

समाचार चक्र संवाददाता

कोटालपोखर-झारखंड के उत्तर-पूर्वी सुदूरवर्ती एवं पश्चिम बंगाल की सीमा से सटे बिनोदपुर पंचायत ोे बेलपहाड़ी गांव में रविवार को ग्रामीणों,बुद्धिजीवियों एवं डिजिटल लाइब्रेरी ग्रुप, झारखंड के संयुक्त प्रयास से “आदिवासी वीरांगना सिंगी दई–कुईली दई पुस्तकालय” का उद्घाटन किया गया। बंद पड़े मध्य विद्यालय भवन में स्थापित यह सामुदायिक पुस्तकालय अब गांव के बच्चों,युवाओं,महिलाओं एवं ग्रामीणों के लिए अध्ययन,ज्ञान और सामाजिक जागरूकता का केंद्र बनेगा।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कोटालपोखर थाना प्रभारी पवन कुमार ने पुस्तकालय का उद्घाटन करते हुए कहा कि शिक्षा ही समाज के विकास का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने अपने छात्र जीवन के संघर्षों और दारोगा बनने तक की प्रेरणादायक यात्रा साझा करते हुए युवाओं से मेहनत,अनुशासन और शिक्षा को जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया।विशिष्ट अतिथि एवं “लाइब्रेरी मैन ऑफ झारखंड” संजय कच्छप ने बच्चों और युवाओं से प्रतिदिन पुस्तकालय में अध्ययन करने,नशे से दूर रहने तथा सामूहिक अध्ययन की संस्कृति विकसित करने की अपील की।उन्होंने गांव के शिक्षित युवाओं से छोटे बच्चों को पढ़ाने और शिक्षा के माध्यम से समाज निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया।साथ ही ग्रामीणों से पुस्तकालय के संरक्षण एवं नियमित संचालन में सहयोग देने की अपील की।कार्यक्रम में ग्राम प्रधान चुण्डी मिंज, आर्किटेक्ट एवं इंजीनियर राकेश सोरेन,सामाजिक कार्यकर्ता,शिक्षक,वार्ड सदस्य तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं युवा उपस्थित रहे।इस अवसर पर बच्चों के लिए ड्राइंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। वहीं लगभग 50 बच्चों के बीच ड्राइंग कॉपी,कलर पेंसिल,स्केच पेन,वॉटर कलर,रबर, कटर,पेंसिल सहित अन्य शैक्षणिक सामग्री वितरित की गई तथा सभी छात्र-छात्राओं को पेन भी प्रदान किए गए।कार्यक्रम के दौरान सर्वसम्मति से “कार्तिक उराँव यूथ क्लब, बेलपहाड़ी” को पुस्तकालय के संचालन एवं रख-रखाव की जिम्मेदारी सौंपी गई। क्लब के सदस्य नियमित अध्ययन,बच्चों के लिए शैक्षणिक गतिविधियों तथा सामाजिक जागरूकता कार्यक्रमों का संचालन करेंगे।ग्रामीणों ने विश्वास जताया कि यह सामुदायिक पुस्तकालय केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं रहेगा,बल्कि शिक्षा, समानता,सामाजिक चेतना और ग्रामीण विकास की दिशा में एक प्रेरणादायक केंद्र के रूप में पूरे क्षेत्र में अध्ययन की संस्कृति को मजबूत करेगा तथा बच्चों और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की नई नींव रखेगा।

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