ललन झा@समाचार चक्र
अमड़ापाड़ा-मृदुभाषी, मिलनसार, सहिष्णु और कर्तव्यनिष्ठ स्थानीय संकरी गली निवासी 50 वर्षीय कुंदन कुमार नहीं रहे। उनके असामयिक व आकस्मिक मौत ने अमड़ापाड़ा को झकझोर दिया है। परिजनों में कोहराम मच गया है। मौत की इस अप्रत्याशित घटना से परिवार टूट गए हैं। उनकी मौत परिवार सहित समाज और सरकार के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनके निधन की पुष्टि शुक्रवार अहले सुबह हुई। वो अपने पीछे दो नाबालिग पुत्र और पत्नी को छोड़ गए हैं। पांच भाईयों में सबसे छोटे कुंदन के यूं अचानक नहीं रहने की खबर ने सबों की आंखें नम कर दी हैं।
सरकार ने एक कर्तव्यनिष्ठ कर्मी खो दिया—
कुंदन कुमार वर्ष 2012 से ही भीएलडब्लू के पद पर सेवारत थे। उन्होंने जिले के अमड़ापाड़ा और लिट्टीपाड़ा ब्लॉक में अपनी निरंतर सेवाएं दीं। वर्तमान में वो पाकुड़िया प्रखंड में पदस्थापित थे। वो कर्तव्यनिष्ठ और समय के पाबंद थे। उनकी पब्लिक डीलिंग भी प्रशंसनीय थी।
सहकर्मी साथियों, जन प्रतिनिधियों व अधिकारियों ने कुंदन के निधन पर जताया गहरा शोक—-
पार्थिव शरीर का अंतिम दर्शन को उनके आवास पर पहुंचे सहकर्मी भीएलडब्लू साथियों, जन प्रतिनिधियों व सीनियर सरकारी कर्मियों ने उनके अचानक मौत पर गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। कहा : यह घटना अकल्पनीय है। अपने स्वभाव, व्यवहार और कार्यशैली से वो आमोखास जनता, अपने बॉस और सहकर्मियों के बीच खासे प्रिय थे।उनके परिवार पर दुःख का पहाड़ टूट पड़ा है। उनकी कमी हमेशा खलेगी। हमलोग इस प्रतिकूल घड़ी में उनके परिजनों के साथ खड़े हैं।
