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समाचार चक्र संवाददाता
पाकुड़-सदर ब्लॉक के मनीरामपुर में लगभग 55.5 लाख रूपये की लागत से सवास्थ्य उप केंद्र का निर्माण कराया जा रहा हैं.जहां संवेदक सारे नियम क़ानून को ताख पर रख कर निर्माण कार्य में लगे हैं.निर्माणाधीन स्वास्थ्य उपकेंद्र की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। बताया जा रहा है कि दलदली जमीन पर उपकेंद्र भवन का निर्माण कराया जा रहा है,जिससे भवन की मजबूती और स्थायित्व को लेकर ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है।इस संबंध में पूर्व जिला परिषद सदस्य हाजिकुल आलम सहित ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी की जा रही है। पीलर की खुदाई मात्र ढाई फीट किए जाने की बात सामने आई है,जबकि दलदली भूमि पर मजबूत नींव और गहरी खुदाई जरूरी मानी जाती है।ऐसे में निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।हाजिकुल आलम का कहना है कि लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद अगर निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप नहीं हुआ तो भविष्य में भवन की सुरक्षा पर खतरा उत्पन्न हो सकता है। लोगों ने आरोप लगाया कि बिना गुणवत्ता जांच के कार्य तेजी से कराया जा रहा है।
ग्रामीणों ने नवनियुक्त उपायुक्त मेघा भारद्वाज से निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच कराने तथा तकनीकी मानकों के अनुरूप काम सुनिश्चित करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य जैसी महत्वपूर्ण सुविधा के लिए बनने वाले भवन में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा है कि यदि समय रहते जांच नहीं हुई तो सरकारी राशि के दुरुपयोग की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। ग्रामीणों ने प्रशासन से हस्तक्षेप कर निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग उठाई है।
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