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अबुल काशिम@समाचार चक्र
पाकुड़। आमतौर पर पढ़ाई पूरी करने के बाद कोई भी युवा नौकरी की तलाश में रहता है। बिजनेस या कोई संस्थान के जरिए खुद को स्थापित करने की कोशिश में लगे होते हैं। वहीं सिंधी पाड़ा के रहने वाले युवा शुभम मध्यान उन युवाओं से बिल्कुल अलग है। पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी तलाशने की बजाय शुभम ने अपने ही घर में कोचिंग सेंटर खोल ली, ताकि बच्चों को बेहतर शिक्षा दे पाए। कोचिंग सेंटर में बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ खेल-कूद और तकनीकी शिक्षा भी दे रहे हैं। बच्चों को विज्ञान प्रदर्शनी जैसे आयोजन के जरिए विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने का काम कर रहे हैं। पिछले चार-पांच साल से कोचिंग सेंटर चलाने वाले शुभम मध्यान अब अपने खुद के संसाधनों से सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को रोबोटिक और एआई जैसी महत्वपूर्ण विषयों पर शिक्षा देने में जुटे हुए हैं। दरअसल शुभम मध्यान शहर के सिंधी पाड़ा में जेनरेशन जेड क्लासेस के नाम से कोचिंग इंस्टिट्यूट चला रहे हैं। कोचिंग सेंटर के संचालन के बीच वे सरकारी स्कूलों में बच्चों को रोबोटिक और एआई की तकनीकी शिक्षा दे रहे हैं।अपने खास प्रोजेक्ट के तहत सरकारी स्कूलों में जाकर छात्रों को रोबोटिक और एआई जैसी तकनीकी विषयों पर ज्ञान दे रहे हैं। उनका यह प्रोजेक्ट पिछले कई सप्ताह से चल रहा है। अब तक तकरीबन दो सौ छात्रों को इन विषयों पर ना सिर्फ शिक्षा देने का काम किया है, बल्कि बच्चों को रोबोटिक और एआई के प्रति दिलचस्पी बढ़ाने का काम किया है।इसमें खास बात यह है कि शुभम मध्यान अपने इंस्टिट्यूट के संसाधनों का ही इस्तेमाल कर रहे हैं। इस संबंध में शुभम मध्यान ने कहा कि रोबोटिक और एआई जैसी महत्वपूर्ण तकनीकी शिक्षा को लेकर पिछले कुछ हफ्तों से एक खास प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई है। जिसका नाम प्रोजेक्ट सेवन रखा गया है। इसके तहत सरकारी विद्यालयों के बच्चों के लिए रोबोटिक और एआई जैसी क्लासेस विद्यालय में ही उपलब्ध करवा रही है। अपने इंस्टिट्यूट के संसाधनों का प्रयोग कर सरकारी विद्यालयों के बच्चों के बेहतर विकास के लिए विद्यालय में रोबोटिक एआई और विज्ञान के बेहतरीन प्रोजेक्ट्स बनाने के लिए तैयार कर रही है। शुभम मध्यान ने कहा कि 23 अप्रैल को एक ही दिन में 200 से अधिक विद्यार्थियों को रोबोटिक आर्म जैसी चीजों के बारे में बताया गया। मेरा मानना है कि यदि हम इन विद्यार्थियों को बचपन से ही कोडिंग एआई एवं रोबोटिक जैसी चीज सीखाना शुरू कर दें, तो आने वाले समय में यह बच्चें हमारे देश एवं पाकुड़ जिले का नाम रोशन कर सकते हैं। मेरा मानना है कि जिला एवं राज्य का विकास तब हो सकता है, जहां पर विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ हम सभी आधुनिक तकनीक का भी ज्ञान दें। इसी वजह से अपनी कोचिंग इंस्टिट्यूट के संसाधनों का इस्तेमाल कर सभी सरकारी विद्यार्थियों के लिए इस योजना को एक-एक कर प्रत्येक विद्यालय में लाने का प्रयास कर रहे हैं। शुभम मध्यान ने कहा कि प्रत्येक विद्यालय को दो महीने तक प्रशिक्षण देंगे और उसके कंप्लीट होने के बाद अन्य विद्यालयों के विद्यार्थियों को एक-एक कर प्रशिक्षण देना प्रारंभ करेंगे। हम चाहते हैं कि इस कार्य में अधिक से अधिक विद्यालय एवं विद्यार्थी उनका सहयोग करें एवं मन लगाकर मेरे द्वारा कराई जा रही क्लासेस पर ध्यान दें। ताकि आने वाले समय में वे विद्यार्थी अपने शहर पाकुड़ का नाम सबसे आगे ले जा सके।


