समाचार चक्र संवाददाता
पाकुड़। वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प अब केवल एक लक्ष्य नहीं,बल्कि देश के भविष्य को नई दिशा देने का अभियान बन चुका है। इसी राष्ट्रीय संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित कार्यक्रम में भाजपा नेत्री डॉ. मिस्फीका हसन को पश्चिम बंगाल के लिए नामित किया गया है। उन्होंने कार्यक्रम में अपनी भागीदारी को लेकर उत्साह व्यक्त करते हुए कहा कि वह निकल चुकी हैं और कार्यक्रम को बेहद शानदार तरीके से सफल बनाया जाएगा।डॉ. मिस्फीका हसन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत निरंतर प्रगति के नए आयाम स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए देश के प्रत्येक नागरिक की भागीदारी महत्वपूर्ण है। उन्होंने विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयास, दृढ़ इच्छाशक्ति और समर्पण के साथ भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।
वी विल डो इट’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ने का आह्वान—
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डॉक्टर मिस्फीका हसन ने कहा की विकसित भारत के राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने के लिए सभी लोग एकजुट होकर कार्य करें। ‘वी विल डो इट’ यानी ‘हम यह करके दिखाएंगे’ का उद्घोष इसी प्रतिबद्धता और आत्मविश्वास को प्रदर्शित करता है।इस अवसर पर भारत के महान वैज्ञानिक, पूर्व राष्ट्रपति और भारत रत्न डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती के अवसर पर उनके चित्र अथवा प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन करने का भी संदेश दिया गया है। डॉ. कलाम का जीवन युवाओं के लिए ज्ञान,मेहनत,वैज्ञानिक सोच और राष्ट्रनिर्माण के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता है।
विकसित भारत के लक्ष्य में जनभागीदारी पर जोर—
डॉ. मिस्फीका हसन ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब समाज के विभिन्न वर्ग अपनी जिम्मेदारी समझते हुए राष्ट्र के विकास में योगदान देंगे। उन्होंने कार्यक्रम को प्रभावशाली और सफल बनाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई।वर्ष 2047 में स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य देश के सामने एक दीर्घकालिक राष्ट्रीय संकल्प है। इस दिशा में शिक्षा, तकनीक, आर्थिक प्रगति, सामाजिक विकास और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।डॉ. मिस्फीका हसन के पश्चिम बंगाल के लिए नामित होने से कार्यक्रम में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी। उन्होंने अपने संदेश के माध्यम से विश्वास जताया कि सभी के सहयोग और समर्पण से इस अभियान को मजबूती मिलेगी।
जय हिंद! वंदे मातरम्!
राष्ट्रनिर्माण के इसी संदेश के साथ कार्यक्रम का मूल भाव है-संकल्प लें, एकजुट होकर आगे बढ़ें और विकसित भारत के सपने को साकार करने में अपनी भूमिका निभाएं।
