समाचार चक्र संवाददाता
पाकुड़।जिले में विकास योजनाओं की रफ्तार और जमीनी हकीकत को लेकर गुरुवार को जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में विभागों की व्यापक समीक्षा हुई। समाहरणालय सभागार में राजमहल सांसद विजय कुमार हांसदा की अध्यक्षता में हुई बैठक में सांसद ने दो टूक कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए,बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक समय पर पहुंचना चाहिए।लंबित योजनाओं को समय-सीमा में पूरा करने और पूर्व में दिए निर्देशों पर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
जर्जर सड़कों पर सांसद सख्त, मरम्मत में तेजी के निर्देश—
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की समीक्षा के दौरान जिले की खराब सड़कों का मुद्दा प्रमुखता से उठा। सांसद विजय हांसदा ने जर्जर सड़कों की शीघ्र मरम्मत कराने का निर्देश दिया।स्वीकृत और लंबित सड़कों की सूची जनप्रतिनिधियों के साथ साझा करने तथा निर्माण कार्यों में आ रही बाधाओं की जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया। धरमपुर-पाकुड़ सड़क निर्माण में भी तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

दो साल में 769 डोभा,501 टीसीबी और 734 कुएं बने—
मनरेगा की समीक्षा में उप विकास आयुक्त अरविन्द कुमार लाल ने बताया कि पिछले दो वर्षों में जिले में 769 डोभा, 501 ट्रेंच कम बंड और 734 कुओं का निर्माण कराया गया है। जल संरक्षण के लिए ग्राम सभा और पंचायत स्तर पर योजनाओं का चयन एवं क्रियान्वयन जारी है।
पेयजल संकट पर विधायकों ने मांगा स्थायी समाधान—
लिट्टीपाड़ा और अमड़ापाड़ा क्षेत्र में पेयजल की समस्या को लेकर विधायकों ने स्थायी समाधान के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया। गंगाजल योजना की समीक्षा में बताया गया कि दूसरे चरण में संबंधित क्षेत्रों को योजना से जोड़ा जाएगा। साहिबगंज से गंगा जल लाने के लिए इंटेक वेल का निर्माण जारी है और इसे दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है।

9 गांव अब भी बिजली से दूर—
विद्युतीकरण की समीक्षा में सामने आया कि जिले के 9 गांवों में अभी तक बिजली आपूर्ति नहीं पहुंची है। इन गांवों में जेरेडा के माध्यम से कार्य कराया जा रहा है। महेशपुर विधायक प्रो. स्टीफन मरांडी ने खराब ट्रांसफॉर्मरों को बिना देरी बदले जाने की मांग की।
आवास और स्वास्थ्य सेवाओं पर भी फोकस—
पीएम आवास योजना ग्रामीण-शहरी और अबुआ आवास योजना के लंबित आवासों को जल्द पूरा करने का निर्देश दिया गया। वहीं सदर अस्पताल की रात्रिकालीन चिकित्सीय व्यवस्था, एंबुलेंस सेवा और स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा हुई। अधिकारियों ने बताया कि रात में आपातकालीन सेवा के लिए चिकित्सक उपलब्ध रहते हैं और पुराने एंबुलेंसों की मरम्मत की कार्रवाई चल रही है।
12 लाभुकों को मिला योजनाओं का लाभ—
बैठक के दौरान सांसद, विधायकों और अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं के 12 लाभुकों के बीच स्वीकृति पत्र और परिसंपत्तियां वितरित कीं। इसमें पीएम जनमन और अबुआ आवास, पोषण किट, किसान समृद्धि योजना तथा खेल सामग्री शामिल रही। जेएसएलपीएस के माध्यम से दो लाभुकों को 3.27 करोड़ रुपये के सीएलएफ फंड से संबंधित लाभ भी दिया गया।
उपायुक्त ने कहा-हर निर्देश का होगा शत-प्रतिशत अनुपालन—
उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने अधिकारियों को सांसद द्वारा दिए गए निर्देशों का समयबद्ध और शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि योजनाओं में पारदर्शिता,गुणवत्ता और जवाबदेही से किसी प्रकार का समझौता नहीं होगा।

अगली बैठक से पहले रिपोर्ट चाहिए—
बैठक के अंत में सांसद विजय कुमार हांसदा ने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिया कि बैठक में दिए गए निर्देशों पर अगली बैठक से पहले कार्रवाई पूरी होनी चाहिए। उन्होंने विकास योजनाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने की हिदायत दी।दिशा की बैठक का सीधा संदेश,योजनाएं स्वीकृत होने से विकास पूरा नहीं होता-काम जमीन पर दिखना चाहिए और उसका लाभ आम लोगों तक पहुंचना चाहिए।
बैठक में ये भी थे मौजूद…
महेशपुर विधायक प्रोफेसर स्टेफ़ान मरांडी,पाकुड़ विधायक निशात आलम, लिट्टीपाड़ा विधायक हेमलाल मुर्मू, डीसी,मेघा भारद्वाज,एसपी अनुदीप सिंह,डीएफओ सौरभ चंद्रा,डीडीसी अरविन्द लाल आदि मौजूद थे.

