समाचार चक्र संवाददाता
कोटालपोखर।आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक उत्सव का प्रतीक बन चुकी बड़ा सोनाकर की श्री श्री सार्वजनिक लक्ष्मी पूजा इस वर्ष अपने 49वें वर्ष में प्रवेश कर रही है। पूजा को लेकर गांव से लेकर आसपास के इलाकों तक श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। समिति की ओर से पूजा को भव्य एवं आकर्षक बनाने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं।25 अक्टूबर को मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना विधि-विधान एवं पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ की जाएगी। इसके लिए पूजा स्थल पर आकर्षक पंडाल, भव्य सजावट और विद्युत रोशनी की व्यवस्था की जा रही है। मां लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापना को लेकर भी समिति के सदस्य तैयारियों में जुटे हैं।
26 अक्टूबर को विराट मेले का आयोजन—
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लक्ष्मी पूजा के अगले दिन 26 अक्टूबर को विराट मेले का आयोजन किया जाएगा। मेले में बड़ा सोनाकर के अलावा आसपास के गांवों और दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं ग्रामीणों के पहुंचने की उम्मीद है। मेले को लेकर समिति की ओर से विभिन्न स्तरों पर तैयारियां की जा रही हैं।
भजन संध्या में हेमंत दुबे की प्रस्तुति बनेगी आकर्षण—
मेले के अवसर पर आयोजित होने वाली भव्य भजन संध्या इस वर्ष के आयोजन का प्रमुख आकर्षण होगी। भजन संध्या में झारखंड के चर्चित संगीतकार हेमंत दुबे अपनी प्रस्तुति देंगे। धार्मिक गीतों और भजनों से सजे इस कार्यक्रम को लेकर श्रद्धालुओं एवं संगीत प्रेमियों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
1978 से चली आ रही है पूजा की परंपरा—
समिति के अनुसार, बड़ा सोनाकर में मां लक्ष्मी पूजा की परंपरा वर्ष 1978 से लगातार चली आ रही है। पांच दशक के करीब पहुंच चुकी यह पूजा अब क्षेत्र की धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान का भी हिस्सा बन चुकी है।समिति के सदस्यों का कहना है कि पूजा आयोजन का उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से सामाजिक एकता, आपसी भाईचारे और क्षेत्र की सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूत करना भी है। वर्षों से चली आ रही इस परंपरा में हर वर्ष ग्रामीणों और श्रद्धालुओं की सहभागिता बढ़ती रही है।
श्रद्धालुओं से शामिल होने की अपील—
श्री श्री सार्वजनिक लक्ष्मी पूजा समिति की ओर से क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं, ग्रामीणों एवं आम लोगों से 25 अक्टूबर की लक्ष्मी पूजा तथा 26 अक्टूबर के विराट मेले एवं भजन संध्या में शामिल होकर आयोजन की शोभा बढ़ाने की अपील की गई है। समिति ने आगंतुक श्रद्धालुओं के स्वागत की विशेष तैयारी की है।
