समाचार चक्र संवाददाता
महेशपुर– प्रखंड के सीलमपुर गांव में इन दिनों आवारा और हिंसक कुत्तों के झुंड ने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है। गांव की गलियों से लेकर खेत-खलिहानों और मुख्य रास्तों तक बड़ी संख्या में आवारा कुत्ते झुंड बनाकर घूम रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इनके कारण लोगों के साथ-साथ मवेशियों और बकरियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।ग्रामीणों के अनुसार कुत्तों का झुंड अचानक पशुओं पर हमला कर उन्हें घायल कर देता है। कई जगहों पर कुत्तों को बकरियों और छोटे मवेशियों के पीछे दौड़ते देखा जा रहा है। ग्रामीणों का दावा है कि हाल के दिनों में गांव से चार बकरियां गायब हुई हैं और उन्होंने इन आवारा कुत्तों को बकरियों का शिकार करते हुए भी देखा है।
बच्चों और राहगीरों में भी भय—
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ग्रामीणों का कहना है कि कुत्तों के झुंड ने बाइक सवारों, पैदल राहगीरों, बच्चों और स्कूली छात्रों पर भी हमला करने की कोशिश की है। झुंड में होने के कारण इन कुत्तों को भगाना भी लोगों के लिए मुश्किल हो जाता है।सुबह और शाम के समय अकेले आने-जाने वाले लोगों और बच्चों को लेकर अभिभावकों में विशेष चिंता है। लोगों का कहना है कि कभी भी कोई अप्रिय घटना हो सकती है।
पशुपालक दिन-रात कर रहे निगरानी—
आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक के कारण पशुपालकों की परेशानी भी बढ़ गई है। लोग अपने मवेशियों और बकरियों को खुले में छोड़ने से डर रहे हैं। कई पशुपालक अपने पशुओं की सुरक्षा के लिए दिन-रात निगरानी करने को मजबूर हैं।ग्रामीणों का कहना है कि कुत्तों का झुंड लगातार गांव के अलग-अलग हिस्सों में घूमता रहता है और मौका मिलते ही छोटे मवेशियों के पीछे दौड़ पड़ता है।
समय रहते नहीं हुई कार्रवाई तो हो सकती है बड़ी घटना…
ग्रामीणों ने कहा कि फिलहाल लोग डर के माहौल में जी रहे हैं। यदि समय रहते आवारा कुत्तों की समस्या पर नियंत्रण नहीं किया गया तो किसी दिन बड़ी घटना हो सकती है।ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन एवं संबंधित विभाग से गांव में अभियान चलाकर आवारा कुत्तों की समस्या का समाधान करने तथा लोगों, बच्चों और मवेशियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि प्रशासन की त्वरित पहल से ही ग्रामीणों में बना भय का माहौल खत्म हो सकेगा।
