Homeपाकुड़डीएमएफटी से शहर का सौंदर्यीकरण या राशि की बंदरबांट?
Maqsood Alam
(News Head)

डीएमएफटी से शहर का सौंदर्यीकरण या राशि की बंदरबांट?

--“आई लव पाकुड़ ” स्थल के पास कचरे का अंबार,न लाइटिंग न सफाई

Gunjan Saha
(Desk Head)

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ज़ाहिद आलम@प्रभात मंत्र

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पाकुड़-जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) योजना से शहर के सौंदर्यीकरण के नाम पर कराए गए कार्यों पर अब सवाल उठने लगे हैं।शहर की पहचान के रूप में स्थापित “आई लव पकुड़” स्थल बदहाल स्थिति में पड़ा है।आश्चर्य इस बात की हैं की जिले के अभिभावक उपायुक्त,प्रधान जिला न्यायधीश और पुलिस अधीक्षक एवं उप विकास आयुक्त का आवास के आसपास आई लव पाकुड़ स्थल हैं.
यहां कचरे का ढेर लगा हुआ है,लाइटिंग व्यवस्था कभी कभी ठप हो जाती है और नियमित साफ-सफाई का भी घोर अभाव दिख रहा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि लाखों रुपये खर्च कर बनाए गए इस स्थल का न तो समुचित रख-रखाव हो रहा है और न ही सौंदर्यीकरण का उद्देश्य पूरा हो पा रहा है। लोगों ने आरोप लगाया कि डीएमएफटी राशि का दुरुपयोग हुआ है और विकास कार्य केवल कागजों तक सीमित नजर आ रहे हैं।शहरवासियों का कहना है कि यदि जनहित की योजनाओं में इस तरह लापरवाही बरती जाएगी तो यह सरकारी राशि की बर्बादी है।“आई लव पकुड़” जैसे स्थल पर फैली गंदगी और बदहाल व्यवस्था अब जिम्मेदार विभागों की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर रही है।
मामले को लेकर जांच की मांग तेज हो रही है। लोगों ने प्रशासन से डीएमएफटी मद से कराए गए सौंदर्यीकरण कार्यों की गुणवत्ता और खर्च की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

सेल्फी लेने से कतरा रहे लोग…

शहर का हृदय कहे जाने वाले कर्मयोगी पथ पर लाखों रूपये से बनाए गए “आई लव पाकुड़” के आस पास लोग जाने में कटराने लगे हैं.आखिर कतराए क्यों नहीं,क्यूंकि चारों ओर कचरे का ढेर बना हुआ हैं. बड़े शौक से बंगाल आदि स्थानों से सैलानी सिद्धू कान्हू पार्क आते हैं और रुकते हैं. जब सेल्फी लेने का मन करता हैं तो लोग जाते हैं. लेकिन कचरा देख कर लोग वापस हो जाते हैं.

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