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CRIME REPORTER
पाकुड़। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुमार क्रांति प्रसाद की अदालत ने बहुचर्चित अपहरण एवं हत्या मामले में दोषी करार दिए गए राजन साह और मिलन कुमार साह को कड़ी सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों दोषियों को हत्या और अपहरण की गंभीरता को देखते हुए दो धाराओं में सश्रम आजीवन कारावास, जबकि अन्य धाराओं में क्रमशः 10 वर्ष एवं 7 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोनों पर कुल एक लाख रुपये, 50 हजार रुपये एवं 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।अदालत ने मामले की क्रूरता को देखते हुए स्पष्ट किया कि दोषियों को एक सजा पूरी करने के बाद दूसरी सजा भी भुगतनी होगी। दोनों दोषी तथा मृतक महेशपुर थाना क्षेत्र के बलियाबंगाल गांव के निवासी हैं।मामले के अनुसार, मृतक मंतोष कुमार सिंह के बड़े भाई संतोष कुमार सिंह ने 25 मार्च 2024 को महेशपुर थाना में कांड संख्या 34/24 दर्ज कराई थी। प्राथमिकी में बताया गया था कि 24 वर्षीय मंतोष कुमार सिंह अपने साथी रविराज सिंह के साथ गांव की हाट में सब्जी खरीदने गया था। इसी दौरान राजन साह और मिलन कुमार साह ने दोनों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया तथा अपनी अपाची मोटरसाइकिल पर जबरन बैठाकर गुमामोड़ की ओर ले गए।आरोप है कि अपहरण के बाद दोनों आरोपियों ने मंतोष कुमार सिंह की पत्थर से कूच-कूच कर निर्मम हत्या कर दी, जबकि रविराज सिंह को बाद में छोड़ दिया गया। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि घटना पुरानी रंजिश के कारण अंजाम दी गई थी।मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे लोक अभियोजक (पीपी) लुकास कुमार हेंब्रम ने बताया कि न्यायालय ने हत्या की बर्बरता और अपहरण की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए दोषियों को कठोर दंड दिया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला समाज में गंभीर अपराधों के खिलाफ कड़ा संदेश देने वाला है।
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