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मकसूद आलम
पाकुड़-कानून केवल अदालतों की चारदीवारी तक सीमित नहीं है, बल्कि हर नागरिक के जीवन की सुरक्षा का सबसे मजबूत आधार है। इसी सोच के साथ पीएमश्री उत्क्रमित कन्या उच्च विद्यालय, पाकुड़िया में छात्राओं के बीच 90 दिवसीय गहन विधिक जागरूकता एवं जनसंपर्क अभियान के तहत विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को उनके अधिकारों, कर्तव्यों और कानूनी सुरक्षा से परिचित कर आत्मनिर्भर एवं जागरूक नागरिक बनाना था।झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा),पाकुड़ द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के डिप्टी चीफ संजीव कुमार मंडल ने छात्राओं को संविधान के मौलिक अधिकार,मौलिक कर्तव्य, शिक्षा का अधिकार, कौशल विकास और निःशुल्क कानूनी सहायता की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सही जानकारी ही सबसे बड़ा आत्मविश्वास देती है, इसलिए हर छात्रा को अपने अधिकारों और कानून की बुनियादी जानकारी अवश्य होनी चाहिए।संवादात्मक सत्र में छात्राओं को अनुशासित जीवन,स्पष्ट लक्ष्य निर्धारण और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।
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उन्हें बताया गया कि यदि किसी भी प्रकार का अन्याय हो तो चुप रहने के बजाय कानूनी सहायता लेना सबसे सही रास्ता है।कार्यक्रम में पैनल अधिवक्ता एल्बिना किस्कू एवं सुचंद्रा पांडे ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार आर्थिक रूप से कमजोर एवं पात्र लोगों को निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराता है। साथ ही राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से आपसी विवादों का सौहार्दपूर्ण समाधान कैसे किया जाता है,इसकी भी विस्तृत जानकारी दी गई। छात्राओं को नालसा के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 के बारे में भी बताया गया, ताकि जरूरत पड़ने पर वे आसानी से कानूनी सहायता प्राप्त कर सकें।कार्यक्रम के दौरान डायन-बिसाही,बाल विवाह,दहेज प्रथा,घरेलू हिंसा और बाल श्रम जैसी सामाजिक कुरीतियों और उनसे जुड़े कानूनी प्रावधानों पर विशेष चर्चा हुई। छात्राओं से अपील की गई कि वे स्वयं जागरूक बनें और अपने परिवार तथा समाज को भी इन कुप्रथाओं के खिलाफ जागरूक करें।कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य,शिक्षिकाएं, पारा लीगल वॉलंटियर्स सीमा साहा,प्रियंका झा, मल्लिका सरकार,पिंटू मरांडी सहित बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।


