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Maqsood Alam
(News Head)

न्यायालय कर्मियों को ई-कोर्ट सर्विस, प्रक्रिया प्रबंधन, एन स्टेप मोबाइल एप्लिकेशन व क्षमता निर्माण का दिया गया प्रशिक्षण

Gunjan Saha
(Desk Head)

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समाचार चक्र संवाददाता

पाकुड़। ज्यूडिशल अकैडमी रांची के निर्देश पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शेषनाथ सिंह की अध्यक्षता में रविवार को व्यवहार न्यायालय परिसर में न्यायालय कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण एवं पुनश्चर्या कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य न्यायालय कर्मचारियों को ई-कोर्ट सर्विस, प्रक्रिया प्रबंधन और एन स्टेप मोबाइल एप्लिकेशन के उपयोग के बारे में जानकारी देना और उनकी क्षमता निर्माण करना था। ट्रेनर के रूप में सिस्टम अस्सिटेंट नगमा परवीन ने सभी बिंदुओं पर एक-एक कर चर्चा की, जिसमें परिवर्तन प्रबंधन की अवधारणा और आवश्यकता, प्रक्रिया पुनर्रचना और प्रक्रिया स्वचालन तकनीक, ई-कोर्ट परियोजना का परिचय, केस सूचना प्रणाली (सीआईएस) की बुनियादी और महत्वपूर्ण विशेषताएं, प्रक्रिया निर्माण, डेटा प्रविष्टि की प्रक्रिया, ड्राफ्ट जनरेशन, अपलोड प्रक्रिया,एन स्टेप मोबाइल एप्लिकेशन बेलिफ, प्रोसेस सर्वर आवंटित प्रक्रियाएं, पीडीएफ देखने, फ़ोटो कैप्चर करने, हस्ताक्षर कैप्चर करें, स्थान सहेजना, अपलोड स्थिति जानना जैसे विषयों पर विशेष जोर दिया गया।इसके अलावा, ट्रेनिंग के लिए नियुक्त मास्टर ट्रेनर अर्पणा कुजूर ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एन स्टेप ट्रेनिंग बेंच क्लर्क, ऑफिस क्लर्क, नाजिर, नायब नाजिर एवं प्रॉसेस सर्वर को करवाया। यह ट्रेनिंग 4 सत्रों में चला और इसका उद्देश्य न्यायालय कर्मचारियों को नवीनतम तकनीकों और प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी देना और उनकी क्षमता निर्माण करना था। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ शेषनाथ सिंह ने बताया कि ट्रेनिंग के दौरान मास्टर ट्रेनर अर्पणा कुजूर ने हमारे साथ जुड़कर काफी बातें हमारे साथ साझा किया‌। हमारे न्यायालय में हमारे कर्मचारी काफी हद तक प्रशिक्षित है। उनके रिफ्रेशमेंट कोर्स के तहत उन्हें एक बार फिर से प्रशिक्षण दिया गया। हमने प्रशिक्षण कार्यक्रम में कर्मचारियों को यह बताया कि चार्ज फ्रेम और जजमेंट कैसे टेंप्लेट के माध्यम से आसानी से बनाया जा सकता है इस पर चर्चा किया गया जिससे कार्य सुचारू रूप से एवं समय को बचाकर किया जा सके। वहीं हम लोगों ने यह भी देखा कि सम्मन के साथ जो प्लेंट की प्रक्रिया है उसे जोड़ने को लेकर हम सुझाव के रूप में सांझा करेंगे। मौके पर मुख्य रूप से अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी विशाल मांझी, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी वी के दास उपस्थित थे।

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